Asha Bhosle: भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले 92 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. आज रविवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन के खबर से देशभर में शोक की लहर है.
कल सोमवार को सुबह 11 बजे लोअर परेल स्थित कासा ग्रांडे में उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की जायेगी. उनका अंतिम संस्कार कल शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा।
उनके निधन ने संगीत प्रेमियों को गहरा सदमा दिया है, लेकिन उनकी जिंदगी सिर्फ एक सिंगर की कहानी नहीं थी, बल्कि संघर्ष, रिश्तों और कामयाबी की एक मिसाल भी थी।
महज 10 साल की उम्र में शुरू किया था गाना
आशा भोसले का जन्म एक संगीत परिवार में हुआ था। उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर खुद एक जाने-माने कलाकार थे। पिता के निधन के बाद बहुत कम उम्र में ही उन्हें जिम्मेदारियां संभालनी पड़ीं। महज 10 साल की उम्र से उन्होंने गाना शुरू कर दिया था। अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ उन्होंने परिवार को संभालने के लिए संघर्ष किया।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी नाम दर्ज
उनका सिंगिंग करियर करीब 80 साल तक चला, जिसमें उन्होंने 12,000 से ज्यादा गाने 20 से अधिक भाषाओं में गाए। यही वजह है कि उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हुआ।
अगर उनके करियर की बात करें, तो आशा भोसले ने हर तरह के गानों में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘पिया तू अब तो आजा’ जैसे मस्ती भरे गानों से लेकर ‘दिल चीज क्या है’ जैसी गज़लों तक, उनकी आवाज ने हर अंदाज में लोगों को दीवाना बनाया। उन्होंने मोहम्मद रफ़ी, किशोर कुमार और मन्ना डे जैसे महान गायकों के साथ कई सुपरहिट गाने दिए।
महज 16 साल में लव मैरिज
उनके निजी जीवन की बात करें तो यह भी उतार-चढ़ाव से भरा रहा। महज 16 साल की उम्र में उन्होंने परिवार की मर्जी के खिलाफ गणपतराव भोसले से शादी कर ली थी। यह फैसला उनके परिवार को पसंद नहीं आया और रिश्तों में खटास आ गई। शादी के बाद उनका वैवाहिक जीवन ज्यादा सफल नहीं रहा और कुछ सालों बाद उन्होंने अपने बच्चों के साथ अलग रहने का फैसला लिया।
इसके बाद उनकी जिंदगी में संगीतकार आर. डी. बर्मन आए, जिनसे उन्होंने दूसरी शादी की। दोनों की जोड़ी ने संगीत की दुनिया में कई यादगार गाने दिए। हालांकि बाद में उनके रिश्ते में दूरी आ गई, लेकिन दोनों के बीच सम्मान और दोस्ती बनी रही।
इंडस्ट्री पर आशा भोसले का राज
1950 से 1980 के दशक तक आशा भोसले ने इंडस्ट्री पर राज किया। 90 के दशक में भी उन्होंने खुद को साबित किया, जब ए. आर. रहमान
ने उन्हें फिल्म ‘रंगीला’ के गाने के लिए चुना, जो आज भी लोगों की जुबान पर है।
आज भले ही आशा भोसले हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन उनकी आवाज, उनके गाने और उनकी कहानी हमेशा जिंदा रहेगी।