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Chhath Trains: दीपावली के उपरांत छठ पर्व हेतु रेलयात्राओं में अपार भीड़, यात्रियों के लिए सीट पाना हुआ दूभर

Chhath Trains: दीपावली के उपरांत छठ पर्व हेतु रेलयात्राओं में अपार भीड़, यात्रियों के लिए सीट पाना हुआ दूभर
Chhath Trains Diwali | Bihar
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Asfi Shadab
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छठ पर्व निकट आते ही यात्रियों की बढ़ी बेचैनी

दीपावली की रौनक थमते ही अब छठ पर्व की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। पर्व के अवसर पर घर लौटने की चाह में उत्तराखंड से बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जाने वाले यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। हल्द्वानी, काठगोदाम, रुद्रपुर और आसपास के रेलवे स्टेशनों पर टिकट खिड़कियों और ऑनलाइन पोर्टलों पर यात्रियों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं।

रानीखेत एक्सप्रेस और बाघ एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में स्लीपर वर्ग से लेकर एसी कोच तक में सीटें पूरी तरह से भर चुकी हैं। अधिकांश ट्रेनों में वेटिंग सूची 150 से 180 के पार पहुँच गई है, जिससे यात्रियों में भारी असंतोष व्याप्त है।


त्योहारों की भीड़ से बढ़ी यात्रियों की परेशानियाँ

रेलवे के सूत्रों के अनुसार, दीपावली और छठ के बीच पड़ने वाले दिनों में ट्रेनों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में तीन गुना बढ़ जाती है। ऐसे में जो यात्री पहले से बुकिंग नहीं कर पाए, वे अब वेटिंग टिकट पर निर्भर हैं या फिर निजी वाहनों एवं बसों का सहारा ले रहे हैं।

काठगोदाम से दिल्ली, लखनऊ, गोरखपुर, पटना और कोलकाता की दिशा में जाने वाली सभी ट्रेनों में स्लीपर आरक्षण अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। वहीं एसी कोच में भी गिनी-चुनी सीटें ही उपलब्ध हैं। यात्री ऑनलाइन ‘रिग्रेट’ स्थिति देख निराश लौट रहे हैं।


रेल प्रशासन ने बढ़ाई फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों की संख्या

इज्जतनगर मंडल के वरिष्ठ डीसीएम श्री संजीव शर्मा के अनुसार, त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त “पूजा स्पेशल” ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। काठगोदाम से मुंबई के लिए हर गुरुवार को विशेष ट्रेन चलाई गई है, किंतु उसमें भी सीटें अब लगभग भर चुकी हैं।

रेल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनाधिकृत टिकट एजेंटों के झांसे में न आएँ और केवल अधिकृत स्रोतों से टिकट बुक करें।


सीटों की स्थिति और वेटिंग का हाल

रेलवे द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, बाघ एक्सप्रेस और रानीखेत एक्सप्रेस में अगले पाँच दिनों तक सीटों की स्थिति निम्न रही —

तारीखस्लीपरथर्ड एसीसेकेंड एसी
23 अक्टूबर130रिग्रेटरिग्रेट
24 अक्टूबररिग्रेट87रिग्रेट
25 अक्टूबररिग्रेट86रिग्रेट
26 अक्टूबर12868रिग्रेट
27 अक्टूबर1025622

यह स्थिति स्पष्ट करती है कि रेलवे के सभी कोचों में यात्रियों की भारी भीड़ है और तत्काल टिकट पाना लगभग असंभव हो चुका है।


यात्रियों की प्रतिक्रिया और विकल्प

कई यात्रियों का कहना है कि उन्हें टिकट बुक करने के लिए कई बार प्रयास करना पड़ा, परंतु हर बार ‘वेटिंग’ या ‘रिग्रेट’ स्थिति दिखाई दी। कुछ यात्री वेटिंग क्लियर होने की उम्मीद में यात्रा की तिथि के निकट तक प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि कई लोग बसों और निजी टैक्सियों का विकल्प तलाश रहे हैं।

हल्द्वानी निवासी विजय कुमार का कहना है, “हम हर साल छठ पर गाँव जाते हैं, पर इस बार टिकट मिलना बेहद कठिन हो गया है। ऑनलाइन बुकिंग में भी कोई सीट खाली नहीं है।”


रेलवे की अपील और सुरक्षा प्रबंध

भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्लेटफार्मों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की है। रेलवे पुलिस बल (RPF) को भी स्टेशन परिसरों में चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

रेल प्रशासन ने यह भी कहा है कि बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। साथ ही, यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा के दौरान सतर्क रहें और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे अधिकारियों को दें।

दीपावली के उपरांत छठ पर्व का उमंगपूर्ण वातावरण एक बार फिर रेलवे के लिए चुनौती बन गया है। जहाँ एक ओर पूर्वांचल समाज अपने घर-परिवार से मिलने को आतुर है, वहीं दूसरी ओर सीमित सीटों के कारण लोगों को असुविधा झेलनी पड़ रही है। प्रशासन द्वारा चलाई जा रही फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें राहत तो दे रही हैं, परंतु बढ़ती भीड़ के आगे वह भी अपर्याप्त साबित हो रही हैं।


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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।