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ToggleRaghav Chadda: राजनीति गलियारे से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आई है। आम आदमी पार्टी ने अपने ही प्रमुख चेहरे और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को अचानक बड़ा झटका देते हुए उपनेता पद से हटा दिया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
अशोक मित्तल होने AAP के नए उपनेता
पार्टी ने इस संबंध में राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र भेजकर जानकारी दी है। इसके साथ ही अशोक मित्तल को राज्यसभा में आम आदमी पार्टी का नया उपनेता नियुक्त करने का अनुरोध किया गया है। आज गुरुवार (2 अप्रैल) को भेजे गए इस पत्र में यह भी साफ तौर पर कहा गया है कि राघव चड्ढा को अब पार्टी के कोटे से सदन में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए।
राघव चड्डा को सदन में बोलने से रोकने की कोशिश!
सूत्रों के मुताबिक, यह सिर्फ पद से हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी ने सख्त रुख अपनाते हुए यह निर्देश भी दिया है कि उच्च सदन में चड्ढा को पार्टी की ओर से बोलने का मौका न दिया जाए। फिलहाल राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 10 सांसद हैं, जिनमें से 7 पंजाब और 3 दिल्ली से आते हैं।
आम आदमी पार्टी के इस फैसले के पीछे क्या कारण हैं, इस पर अभी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन हाल के दिनों में राघव चड्ढा की चुप्पी और पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को लेकर चर्चाएं जरूर तेज थीं।
आम लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाते हैं राघव चड्डा
दिलचस्प बात यह है कि राघव चड्ढा ने संसद में हमेशा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया है। उन्होंने हाल में मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए डाटा रोलओवर की मांग की थी, जिसमें कहा गया था कि जो डाटा उपयोग नहीं हो पाता, उसे खत्म करने के बजाय अगले दिन या महीने के लिए बचाकर रखा जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया था कि बचा हुआ डाटा ग्राहकों को ट्रांसफर करने की सुविधा मिले और इसके आधार पर रिचार्ज में छूट दी जाए।
पैटर्निटी लीव का मुद्दा
इसके अलावा, उन्होंने हाल ही में पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) का मुद्दा भी उठाया था, जिसे सोशल मीडिया पर काफी सराहना मिली। उनका कहना था कि बच्चे का ध्यान रखना माता-पिता दोनों का फर्ज है और पिता को भी बच्चे के जन्म के समय परिवार के साथ रहने और जिम्मेदारी निभाने का अधिकार मिलना चाहिए।
राघव चड्ढा अक्सर जमीनी स्तर से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाने के लिए जाने जाते रहे हैं। चाहे वह आम उपभोक्ताओं की समस्या हो या परिवार और समाज से जुड़े विषय, उन्होंने कई बार ऐसे मुद्दों को सामने रखा, जिनका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है।
कौन हैं अशोक मित्तल ?
अगर बात करें अशोक मित्तल की, तो वे पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और शिक्षा जगत में एक बड़ा नाम माने जाते हैं। वे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर चांसलर भी रह चुके हैं और पार्टी के सक्रिय सांसदों में गिने जाते हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब पार्टी आगामी राजनीतिक रणनीतियों को लेकर लगातार मंथन कर रही है। ऐसे में राघव चड्ढा जैसे युवा और प्रमुख नेता को इस तरह जिम्मेदारी से हटाना, कई सवाल खड़े कर रहा है।