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सांसद राघव चड्डा ने उठाया ‘पैटरनिटी लीव’ का मुद्दा, पत्नी परिणीति चोपड़ा समेत लाखों लोगों ने की तारीफ

AAP में बवाल! राघव चड्ढा की Z+ सिक्योरिटी छीनी, बढ़ी सियासी दरार
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पैटरनिटी लीव को लेकर संसद में उठी एक आवाज ने देशभर में नई बहस छेड़ दी है। राघव चड्ढा की इस पहल को जोरदार समर्थन मिल रहा है। खास बात यह रही कि परिणीति चोपड़ा का रिएक्शन भी चर्चा में है। आखिर ऐसा क्या कहा गया जिसने सबका ध्यान खींच लिया?

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Paternity Leave: देश की राजनीति में कई मुद्दे आते-जाते रहते हैं, लेकिन कुछ आवाजें ऐसी होती हैं जो सीधे समाज की सोच को चुनौती देती हैं। इस बार मुद्दा है ‘पैटरनिटी लीव’ का, जिसे लेकर राज्यसभा सांसद राघव चड्डा ने संसद में एक अहम बहस छेड़ दी है। उनकी इस पहल को न सिर्फ समर्थन मिल रहा है, बल्कि उनकी पत्नी और अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने भी इसे दिल से सराहा है।

‘पैटरनिटी लीव’ की मांग

राघव चड्ढा ने संसद में बोलते हुए कहा कि भारत में बच्चे के जन्म पर बधाई मां और पिता दोनों को मिलती है, लेकिन जिम्मेदारी सिर्फ मां के हिस्से में आती है। उन्होंने इस सोच को सोसाइटी की बड़ी कमी बताया। उनके अनुसार, मौजूदा कानून केवल मैटरनिटी लीव को मान्यता देता है, जबकि पिता की भूमिका को नजरअंदाज किया जाता है। राघव ने जोर देकर कहा कि अगर कानून में पिता की जिम्मेदारियों को शामिल नहीं किया जाएगा, तो यह समाज को गलत संदेश देता रहेगा कि बच्चों की परवरिश केवल मां का काम है।

परिणीति चोपड़ा का रिएक्शन वायरल

इस मुद्दे पर परिणीति चोपड़ा का रिएक्शन भी काफी भावुक रहा। उन्होंने सोशल मीडिया पर राघव का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि आज उन्होंने सिर्फ एक सांसद के तौर पर नहीं, बल्कि एक पिता के रूप में भी अपनी बात रखी है। परिणीति ने कहा कि वह रोज राघव में एक जिम्मेदार और समझदार पिता को देखती हैं, जो बिना कहे हर जिम्मेदारी निभाते हैं।

 

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उन्होंने यह भी लिखा कि बच्चे के जन्म के साथ सिर्फ एक मां नहीं, बल्कि एक पिता का भी जन्म होता है। पेरेंटिंग कभी एकतरफा नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह साझेदारी का रिश्ता है। परिणीति ने उन सभी महिलाओं का भी जिक्र किया, जो अकेले ही बच्चों की जिम्मेदारी उठाती हैं और जिनकी आवाज अक्सर अनसुनी रह जाती है।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है।

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