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दिल्ली में अवैध एलपीजी रैकेट का पर्दाफाश: 183 सिलेंडर बरामद, 4 आरोपी हिरासत में

दिल्ली में अवैध एलपीजी रैकेट का पर्दाफाश: 183 सिलेंडर बरामद, 4 आरोपी हिरासत में
दिल्ली में अवैध एलपीजी रैकेट का पर्दाफाश: 183 सिलेंडर बरामद, 4 आरोपी हिरासत में (Pic Credit- X @Benarasiyaa)

दिल्ली के संगम विहार में क्राइम ब्रांच की छापेमारी ने एक बड़े एलपीजी खेल का खुलासा किया है। 183 सिलेंडर बरामद हुए और 4 लोग हिरासत में हैं।

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Illegal LPG Racket: राजधानी दिल्ली के संगम विहार इलाके में क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अवैध एलपीजी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन में 183 इंडेन गैस सिलेंडर बरामद किए गए हैं और चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है.

इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक, क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को गुप्त सूचना मिली थी कि संगम विहार में बड़े पैमाने पर गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और अवैध रिफिलिंग का धंधा चल रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने बिना देर किए इलाके के तीन अलग-अलग गोदामों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान शेर सिंह, सूरज परिहार, रघु राज सिंह और जितेंद्र शर्मा को मौके से गिरफ्तार किया गया।

154 भरे हुए सिलेंडर बरामद

छापेमारी में पुलिस को कुल 183 सिलेंडर मिले, जिनमें 154 भरे हुए और 29 खाली सिलेंडर शामिल हैं। इसके अलावा मौके से लोहे के पाइप, तराजू और अन्य रिफिलिंग उपकरण भी जब्त किए गए, जो इस अवैध कारोबार के पुख्ता सबूत माने जा रहे हैं।

एलपीजी डिलीवरी एजेंट है आरोपी

जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी अधिकृत एलपीजी डिलीवरी एजेंट होने के बावजूद नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। वे ग्राहकों तक सिलेंडर पहुंचाने के बजाय उन्हें अपने किराए के गोदामों में जमा कर लेते थे। इसके बाद भरे हुए सिलेंडरों से 1-2 किलो गैस निकालकर खाली सिलेंडरों में ट्रांसफर करते थे और उन्हें बाजार में ज्यादा कीमत पर बेचते थे। इस पूरे खेल में आम उपभोक्ता को सीधे नुकसान पहुंच रहा था. किसी को कम गैस मिल रही थी, तो किसी को महंगे दाम चुकाने पड़ रहे थे।

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 और बीएनएस की धारा 125/3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि एलपीजी की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच इस तरह की जमाखोरी बेहद गंभीर है और ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

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Dipali Kumari

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