
किसानों के बच्चों के लिए शिक्षा की नई पहल Free MHT-CET coaching for farmers children Shirdi: शिर्डी (अहमदनगर)। श्री साईबाबा संस्थान विश्वस्तव्यवस्था ने महाराष्ट्र के आत्महत्या प्रभावित किसान परिवारों के मेधावी बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल की घोषणा की है। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से इन विद्यार्थियों को एमएचटी-सीईटी (MHT-CET) परीक्षा की तैयारी के लिए पूर्णतः निःशुल्क और आवासीय कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडीलकर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह कोचिंग आकाश इंस्टीट्यूट के अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा श्री साईबाबा कनिष्ठ महाविद्यालय, शिर्डी में दी जाएगी। योजना की पात्रता: कक्षा 10वीं में

किसानों के बच्चों के लिए शिक्षा की नई पहल Free MHT-CET coaching for farmers children Shirdi: शिर्डी (अहमदनगर)। श्री साईबाबा संस्थान विश्वस्तव्यवस्था ने महाराष्ट्र के आत्महत्या प्रभावित किसान परिवारों के मेधावी बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल की घोषणा की है। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से इन विद्यार्थियों को एमएचटी-सीईटी (MHT-CET) परीक्षा की तैयारी के लिए पूर्णतः निःशुल्क और आवासीय कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडीलकर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह कोचिंग आकाश इंस्टीट्यूट के अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा श्री साईबाबा कनिष्ठ महाविद्यालय, शिर्डी में दी जाएगी। योजना की पात्रता: कक्षा 10वीं में

महाराष्ट्र में 308 मदरसों को सुधार के लिए मिली सरकारी सहायता Maharashtra madrasa modernization fund Dr Zakir Husain scheme: महाराष्ट्र सरकार ने डॉ. ज़ाकिर हुसैन मदरसा आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत राज्य के मदरसों को बड़ी वित्तीय सहायता दी है। सरकार ने राज्य के 21 जिलों में स्थित कुल 308 मदरसों के लिए 50 लाख रुपये की निधि आवंटित की है। इस संबंध में सरकार की ओर से आधिकारिक सरकारी आदेश जारी कर दिया गया है। आवंटित निधि का वितरण जिलेवार किया गया है। राज्य के 21 जिलों में से प्रत्येक जिले में कितने मदरसों को यह राशि मिलेगी, इसकी विस्तृत

महाराष्ट्र में 308 मदरसों को सुधार के लिए मिली सरकारी सहायता Maharashtra madrasa modernization fund Dr Zakir Husain scheme: महाराष्ट्र सरकार ने डॉ. ज़ाकिर हुसैन मदरसा आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत राज्य के मदरसों को बड़ी वित्तीय सहायता दी है। सरकार ने राज्य के 21 जिलों में स्थित कुल 308 मदरसों के लिए 50 लाख रुपये की निधि आवंटित की है। इस संबंध में सरकार की ओर से आधिकारिक सरकारी आदेश जारी कर दिया गया है। आवंटित निधि का वितरण जिलेवार किया गया है। राज्य के 21 जिलों में से प्रत्येक जिले में कितने मदरसों को यह राशि मिलेगी, इसकी विस्तृत

महाराष्ट्र में संगठन मजबूत करने के लिए बड़ा फेरबदल Eknath Shinde party reshuffle Maharashtra district contact heads: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्टी संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल किया है। कई जिलों में नए संपर्क प्रमुखों की नियुक्ति की गई है, साथ ही कुछ जिलों में सह-संपर्क प्रमुखों की सूची भी जारी की गई है। पार्टी नेतृत्व के अनुसार, इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर संगठन की पकड़ मजबूत करना है। आगामी चुनावों को देखते हुए यह फेरबदल रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। पार्टी का मानना है कि नई नियुक्तियों से कार्यकर्ताओं में

महाराष्ट्र में संगठन मजबूत करने के लिए बड़ा फेरबदल Eknath Shinde party reshuffle Maharashtra district contact heads: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्टी संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल किया है। कई जिलों में नए संपर्क प्रमुखों की नियुक्ति की गई है, साथ ही कुछ जिलों में सह-संपर्क प्रमुखों की सूची भी जारी की गई है। पार्टी नेतृत्व के अनुसार, इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर संगठन की पकड़ मजबूत करना है। आगामी चुनावों को देखते हुए यह फेरबदल रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। पार्टी का मानना है कि नई नियुक्तियों से कार्यकर्ताओं में

रबी फसल पंजीकरण की तिथि 31 मार्च तक बढ़ी E-Peek Pahani registration deadline extended Maharashtra Rabi: महाराष्ट्र, 18 मार्च 2026। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने विधानसभा में घोषणा की है कि रबी मौसम में सहायक स्तर पर ई-फसल निरीक्षण (ई-पीक पाहणी) के पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी गई है। क्यों बढ़ाई गई समय सीमा? रबी सीजन 2025-26 के लिए किसान स्तर पर पंजीकरण की प्रक्रिया 10 दिसंबर 2025 से 24 जनवरी 2026 तक चली। राज्य में “डिजिटल क्रॉप सर्वे” ऐप के माध्यम से यह पंजीकरण किया जा रहा है। हालांकि, निर्धारित अवधि में

रबी फसल पंजीकरण की तिथि 31 मार्च तक बढ़ी E-Peek Pahani registration deadline extended Maharashtra Rabi: महाराष्ट्र, 18 मार्च 2026। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने विधानसभा में घोषणा की है कि रबी मौसम में सहायक स्तर पर ई-फसल निरीक्षण (ई-पीक पाहणी) के पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी गई है। क्यों बढ़ाई गई समय सीमा? रबी सीजन 2025-26 के लिए किसान स्तर पर पंजीकरण की प्रक्रिया 10 दिसंबर 2025 से 24 जनवरी 2026 तक चली। राज्य में “डिजिटल क्रॉप सर्वे” ऐप के माध्यम से यह पंजीकरण किया जा रहा है। हालांकि, निर्धारित अवधि में

विधान परिषद की गरिमा की रक्षा के लिए कड़ा संदेश महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से तनाव का माहौल बन गया है। अहमदनगर ज़िले के जामखेड क्षेत्र से आने वाली खबर ने विधान परिषद के भीतर एक गंभीर विवाद को जन्म दिया है। यह विवाद सिर्फ एक सामान्य राजनीतिक टकराव नहीं है, बल्कि संस्थागत गरिमा और जनतांत्रिक मूल्यों को लेकर एक गहरा सवाल खड़ा करता है। विधान परिषद के सदस्य प्रवीण दरेकर और श्रीकांत भारतीय द्वारा प्रस्तुत विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव न केवल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के नेता सूर्यकांत मोरे की आलोचना करता है, बल्कि संसदीय

विधान परिषद की गरिमा की रक्षा के लिए कड़ा संदेश महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से तनाव का माहौल बन गया है। अहमदनगर ज़िले के जामखेड क्षेत्र से आने वाली खबर ने विधान परिषद के भीतर एक गंभीर विवाद को जन्म दिया है। यह विवाद सिर्फ एक सामान्य राजनीतिक टकराव नहीं है, बल्कि संस्थागत गरिमा और जनतांत्रिक मूल्यों को लेकर एक गहरा सवाल खड़ा करता है। विधान परिषद के सदस्य प्रवीण दरेकर और श्रीकांत भारतीय द्वारा प्रस्तुत विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव न केवल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के नेता सूर्यकांत मोरे की आलोचना करता है, बल्कि संसदीय

रांकाओं के कार्यकर्ता का विवादित बयान और संसदीय मर्यादा का गंभीर प्रश्न महाराष्ट्र विधान परिषद में हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जो महज़ राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि लोकतंत्र की संवैधानिक मर्यादाओं और संसदीय गरिमा से गहराई से जुड़ा हुआ है। रांकाओं के कार्यकर्ता सूर्यकांत मोरे के विवादास्पद बयान के बाद उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला दर्ज किया गया है। इसी के बाद विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोरहे ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए मोरे के बयान से जुड़ा कोई भी वीडियो, क्लिप या सामग्री किसी भी माध्यम पर प्रसारित न करने का

रांकाओं के कार्यकर्ता का विवादित बयान और संसदीय मर्यादा का गंभीर प्रश्न महाराष्ट्र विधान परिषद में हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जो महज़ राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि लोकतंत्र की संवैधानिक मर्यादाओं और संसदीय गरिमा से गहराई से जुड़ा हुआ है। रांकाओं के कार्यकर्ता सूर्यकांत मोरे के विवादास्पद बयान के बाद उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला दर्ज किया गया है। इसी के बाद विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोरहे ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए मोरे के बयान से जुड़ा कोई भी वीडियो, क्लिप या सामग्री किसी भी माध्यम पर प्रसारित न करने का