Rashtra Bharat Logo

महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन सत्र: नागपुर में 8 से 14 दिसंबर तक चलेगा अधिवेशन

महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन सत्र: नागपुर में 8 से 14 दिसंबर तक चलेगा अधिवेशन
Maharashtra Winter Session: नागपुर में 8 से 14 दिसंबर तक होगा शीतकालीन अधिवेशन (File Photo)

महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 8 से 14 दिसंबर 2025 तक नागपुर में आयोजित होगा। कार्य सलाहकार समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 13 और 14 दिसंबर को सरकारी अवकाश होने के बावजूद दोनों सदनों का कामकाज जारी रहेगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, दोनों उपमुख्यमंत्री और कई मंत्री बैठक में शामिल हुए। भारतीय संविधान पर मुख्यमंत्री के भाषण की पुस्तक का 9 दिसंबर को राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा विमोचन होगा।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। राज्य विधानमंडल का शीतकालीन अधिवेशन इस साल नागपुर में आयोजित होने जा रहा है। यह अधिवेशन 8 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 14 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इस फैसले की जानकारी विधान सभा और विधान परिषद की कार्य सलाहकार समिति की बैठक में दी गई।

सप्ताहांत में भी होगा सदन का कामकाज

इस बार का शीतकालीन सत्र कुछ खास होने वाला है क्योंकि सरकार ने एक अनोखा निर्णय लिया है। 13 दिसंबर जो कि शनिवार है और 14 दिसंबर जो रविवार है, दोनों दिन सरकारी अवकाश होने के बावजूद विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों में कामकाज जारी रहेगा। यह निर्णय इस बात का संकेत है कि सरकार के पास कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिन पर चर्चा और फैसले लेने की जरूरत है।

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद

विधान भवन में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में महाराष्ट्र की राजनीति के कई बड़े चेहरे शामिल हुए। विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शिंदे और विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी इस बैठक में शामिल हुए। उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार भी मौजूद रहे।

इसके अलावा विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोरहे, विधानसभा उपाध्यक्ष अण्णा बनसोडे ने भी बैठक में हिस्सा लिया। कई मंत्रीगण जैसे उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील और सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार भी इस बैठक का हिस्सा बने। विधानसभा और विधान परिषद के कई अन्य सदस्य और संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे।

संविधान पर हुई थी खास चर्चा

इस साल 26 मार्च 2025 को विधानसभा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण चर्चा आयोजित की गई थी। यह चर्चा भारतीय संविधान की गौरवशाली अमृत महोत्सवी यात्रा के उपलक्ष्य में रखी गई थी। भारतीय संविधान देश की आधारशिला है और इसकी यात्रा पर चर्चा करना एक महत्वपूर्ण विषय था।

मुख्यमंत्री के भाषण की होगी पुस्तक

इस चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक विस्तृत और प्रभावशाली भाषण दिया था। उनके इस भाषण को अब पुस्तक के रूप में संकलित किया गया है। यह पुस्तक महाराष्ट्र विधानमंडल वि.स. पांगे संसदीय प्रशिक्षण केंद्र के प्रयासों से तैयार की गई है। यह केंद्र विधायकों और राज्य की संसदीय प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए काम करता है।

राज्यपाल करेंगे पुस्तक का विमोचन

विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि इस पुस्तक का विमोचन 9 दिसंबर 2025 को होगा। यह विमोचन महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा किया जाएगा। यह कार्यक्रम शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले होगा, जो इसे और भी खास बना देता है।

नागपुर में क्यों होता है शीतकालीन सत्र

महाराष्ट्र में एक परंपरा है कि राज्य की राजधानी मुंबई में साल भर विधानमंडल के सत्र होते हैं, लेकिन शीतकालीन सत्र नागपुर में आयोजित किया जाता है। नागपुर विदर्भ क्षेत्र का सबसे बड़ा शहर है और इसे महाराष्ट्र की दूसरी राजधानी भी कहा जाता है। यह परंपरा राज्य के सभी क्षेत्रों को समान महत्व देने की भावना को दर्शाती है।

सत्र में क्या हो सकते हैं मुद्दे

हालांकि अभी तक सत्र की कार्यसूची की पूरी जानकारी नहीं आई है, लेकिन अनुमान है कि इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। राज्य के विकास, किसानों की समस्याएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दे सामने आ सकते हैं। विपक्ष भी अपने सवाल और मुद्दे उठा सकता है।

सप्ताहांत में काम का मतलब

शनिवार और रविवार को भी सदन चलाने का फैसला यह दर्शाता है कि सरकार गंभीरता से काम करना चाहती है। आमतौर पर सप्ताहांत में सरकारी कार्यालय बंद रहते हैं, लेकिन इस बार विधानमंडल में काम जारी रहेगा। इससे सात दिनों में अधिक से अधिक काम पूरा किया जा सकेगा।

विधायकों की तैयारी

शीतकालीन सत्र की घोषणा के बाद सभी विधायक और विधान परिषद के सदस्य अपनी तैयारी में जुट गए हैं। सत्तापक्ष के सदस्य सरकार की उपलब्धियों को रखने की तैयारी कर रहे हैं तो विपक्ष अपने सवालों और मुद्दों को तैयार कर रहा है। यह सत्र महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

नागपुर की तैयारियां

नागपुर शहर भी इस शीतकालीन सत्र के लिए तैयारियों में जुटा है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। विधायकों के ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। शहर में इस दौरान राजनीतिक गतिविधियां बढ़ जाती हैं और यह पूरे विदर्भ क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण होता है।

यह शीतकालीन सत्र महाराष्ट्र की राजनीति और शासन के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। जनता की नजरें इस बात पर होंगी कि इन सात दिनों में क्या फैसले लिए जाते हैं और कौन से मुद्दे उठाए जाते हैं।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।