जरूर पढ़ें

कोलकाता में सड़क पर जुमे की नमाज को लेकर बवाल, पुलिस और नमाजियों में बहस

कोलकाता में सड़क पर जुमे की नमाज को लेकर बवाल, पुलिस और नमाजियों में बहस
कोलकाता में सड़क पर जुमे की नमाज को लेकर बवाल, पुलिस और नमाजियों में बहस (File photo)

West Bengal News: कोलकाता के राजाबाजार इलाके में सड़क पर जुमे की नमाज पढ़ने को लेकर हंगामा हो गया। पुलिस ने नमाजियों से सड़क खाली करने की अपील की, जिसके बाद बहस और नारेबाजी शुरू हो गई।

Updated:

West Bengal News: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के राजाबाजार इलाके में आज शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर माहौल गरमा गया। नमाज के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जुटे थे, तभी पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को सड़क खाली करने के लिए कहने लगी। इस दौरान पुलिस और नमाजियों के बीच बहस और हंगामे की स्थिति बन गई।

देखते ही देखते तनावपूर्ण हो गया माहौल

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस लगातार लोगों से सड़क से हटने की अपील कर रही थी, लेकिन नमाजी अपनी जगह पर डटे रहे। देखते ही देखते वहां नारेबाजी शुरू हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की।

शुभेंदु अधिकारी के सीएम बनने के बाद पहली जुमे की नमाज

मालूम हो यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य में पहली जुमे की नमाज अदा की जा रही थी। नई सरकार ने पद संभालने के बाद सार्वजनिक सड़कों पर धार्मिक गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। इसी के तहत राजाबाजार इलाके में पुलिस पहुंची थी और सड़क पर नमाज न पढ़ने की अपील की गई थी।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में

राजाबाजार में हुई इस घटना के बाद इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर बंगाल की राजनीति और धार्मिक मुद्दों को लेकर माहौल गर्म कर दिया है।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है।

अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है।

वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें।

मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) :
• सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग।
• जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना।
• जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन।
• हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता।

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) :
जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।