
झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में 15 फरवरी 2026 को मनाए जाने वाले महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार का महोत्सव खास होने वाला है क्योंकि पहली बार बाबा की बारात में पारंपरिक देवी देवताओं के साथ साइबर दैत्य भी शामिल होगा। यह आधुनिकता और परंपरा का अनूठा संगम होगा जो भक्तों के लिए एक नया अनुभव लेकर आएगा। बैद्यनाथ धाम की विशेषता और महत्व बाबा बैद्यनाथ धाम भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। लेकिन जो बात इसे सबसे अलग और खास बनाती है वह यह है कि यह एकमात्र

झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में 15 फरवरी 2026 को मनाए जाने वाले महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार का महोत्सव खास होने वाला है क्योंकि पहली बार बाबा की बारात में पारंपरिक देवी देवताओं के साथ साइबर दैत्य भी शामिल होगा। यह आधुनिकता और परंपरा का अनूठा संगम होगा जो भक्तों के लिए एक नया अनुभव लेकर आएगा। बैद्यनाथ धाम की विशेषता और महत्व बाबा बैद्यनाथ धाम भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। लेकिन जो बात इसे सबसे अलग और खास बनाती है वह यह है कि यह एकमात्र

Baidyanath Dham Mahashivratri: झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र है। भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल यह धाम महाशिवरात्रि के दिन एक अलग ही रूप में नजर आता है। जैसे ही फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी आती है, पूरा देवघर ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठता है। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की भीड़, शिवभक्ति में डूबी गलियां और मंदिर परिसर में पसरा आध्यात्मिक माहौल इस पर्व को विशेष बना देता है। बैद्यनाथ धाम को मनोकामना लिंग भी कहा जाता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन

Baidyanath Dham Mahashivratri: झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र है। भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल यह धाम महाशिवरात्रि के दिन एक अलग ही रूप में नजर आता है। जैसे ही फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी आती है, पूरा देवघर ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठता है। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की भीड़, शिवभक्ति में डूबी गलियां और मंदिर परिसर में पसरा आध्यात्मिक माहौल इस पर्व को विशेष बना देता है। बैद्यनाथ धाम को मनोकामना लिंग भी कहा जाता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन