
NDA Conference Sparks Political Clash: सिवान में NDA सम्मेलन का माहौल सिवान ज़िले के दारौंदा ब्लॉक परिसर में आयोजित NDA Conference Sparks Political Clash का माहौल उम्मीद से बहुत अलग निकला। यह सम्मेलन मूल रूप से सत्ता की ताकत दिखाने और आगामी चुनावों में रणनीति बनाने के लिए रखा गया था, लेकिन ज़मीन पर यह एक political clash का दृश्य बन गया। मंच पर नेता मौजूद थे और हवा में गठबंधन की तस्वीर उभर रही थी, लेकिन ज़मीन पर भाजपा और जेडीयू के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव ने सबको हैरान कर दिया। कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाज़ी और धक्का-मुक्की पूर्व विधायक

NDA Conference Sparks Political Clash: सिवान में NDA सम्मेलन का माहौल सिवान ज़िले के दारौंदा ब्लॉक परिसर में आयोजित NDA Conference Sparks Political Clash का माहौल उम्मीद से बहुत अलग निकला। यह सम्मेलन मूल रूप से सत्ता की ताकत दिखाने और आगामी चुनावों में रणनीति बनाने के लिए रखा गया था, लेकिन ज़मीन पर यह एक political clash का दृश्य बन गया। मंच पर नेता मौजूद थे और हवा में गठबंधन की तस्वीर उभर रही थी, लेकिन ज़मीन पर भाजपा और जेडीयू के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव ने सबको हैरान कर दिया। कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाज़ी और धक्का-मुक्की पूर्व विधायक

बिहार की धरती पर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताज़ा सबूत “Bihar Bribery Scandal” बनकर सामने आया है।रोहतास ज़िले के बिक्रमगंज अनुमंडल कार्यालय में एक मामूली-सा चपरासी लाखों का खिलाड़ी बन बैठा। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Bureau) की टीम ने चपरासी विनोद कुमार ठाकुर को ₹1.16 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि उसने जमीन विवाद सुलझाने के नाम पर ₹1.60 लाख की मांग की थी। Bihar Bribery Scandal: चपरासी बना लाखों का खिलाड़ी आमतौर पर Peon यानी चपरासी की नौकरी को सबसे निचले स्तर का माना जाता है। लेकिन बिहार का हाल यह

बिहार की धरती पर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताज़ा सबूत “Bihar Bribery Scandal” बनकर सामने आया है।रोहतास ज़िले के बिक्रमगंज अनुमंडल कार्यालय में एक मामूली-सा चपरासी लाखों का खिलाड़ी बन बैठा। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Bureau) की टीम ने चपरासी विनोद कुमार ठाकुर को ₹1.16 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि उसने जमीन विवाद सुलझाने के नाम पर ₹1.60 लाख की मांग की थी। Bihar Bribery Scandal: चपरासी बना लाखों का खिलाड़ी आमतौर पर Peon यानी चपरासी की नौकरी को सबसे निचले स्तर का माना जाता है। लेकिन बिहार का हाल यह