बिहार की धरती पर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताज़ा सबूत “Bihar Bribery Scandal” बनकर सामने आया है।रोहतास ज़िले के बिक्रमगंज अनुमंडल कार्यालय में एक मामूली-सा चपरासी लाखों का खिलाड़ी बन बैठा। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Bureau) की टीम ने चपरासी विनोद कुमार ठाकुर को ₹1.16 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि उसने जमीन विवाद सुलझाने के नाम पर ₹1.60 लाख की मांग की थी। Bihar Bribery Scandal: चपरासी बना लाखों का खिलाड़ी आमतौर पर Peon यानी चपरासी की नौकरी को सबसे निचले स्तर का माना जाता है। लेकिन बिहार का हाल यह