अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने एक बार फिर नई ऊंचाई छू ली है। यह तेजी केवल सामान्य बाजार हलचल नहीं है, बल्कि दुनिया भर में बढ़ते भूराजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता का सीधा परिणाम है। निवेशक अब सोने और चांदी को सिर्फ कीमती धातु के रूप में नहीं, बल्कि सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देख रहे हैं। गोल्डमान साक्स जैसी प्रमुख वित्तीय संस्थाओं का अनुमान है कि सोने की कीमत दिसंबर 2026 तक 4,900 डॉलर (लगभग 4.39 लाख रुपये) प्रति औंस तक पहुंच सकती है। हाल के दिनों में क्यों बढ़ी सोने की मांग पिछले