
भारत हर साल 26 जनवरी को अपना गणतंत्र दिवस बड़े गर्व और उत्साह के साथ मनाता है। यह दिन हमारे संविधान के लागू होने का प्रतीक है और लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है। इस साल देश अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली भव्य परेड इस समारोह का मुख्य आकर्षण होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस मुख्य परेड से पहले एक फुल ड्रेस रिहर्सल होती है और आप भी इसमें शामिल हो सकते हैं, वो भी बिल्कुल मुफ्त में। जी हां, सरकार ने आम जनता के लिए

भारत हर साल 26 जनवरी को अपना गणतंत्र दिवस बड़े गर्व और उत्साह के साथ मनाता है। यह दिन हमारे संविधान के लागू होने का प्रतीक है और लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है। इस साल देश अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली भव्य परेड इस समारोह का मुख्य आकर्षण होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस मुख्य परेड से पहले एक फुल ड्रेस रिहर्सल होती है और आप भी इसमें शामिल हो सकते हैं, वो भी बिल्कुल मुफ्त में। जी हां, सरकार ने आम जनता के लिए

देश की संसद में ‘वंदे मातरम’ और ‘जय हिंद’ जैसे राष्ट्रीय नारों को रोकने के फैसले को लेकर देशभर में विरोध की लहर उठ खड़ी हुई है। इस विवाद के बीच पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस कमेटी ने हजरा मोड़ से लेकर यादव बाबू बाजार तक एक विशाल रैली निकालकर अपना गुस्सा जताया। यह विरोध प्रदर्शन उस समय हुआ जब लोकसभा में राज्यसभा सचिव के एक फैसले से ‘वंदे मातरम’ और ‘जय हिंद’ जैसे ऐतिहासिक नारों पर रोक लगाने की बात सामने आई। इन नारों का भारत के

देश की संसद में ‘वंदे मातरम’ और ‘जय हिंद’ जैसे राष्ट्रीय नारों को रोकने के फैसले को लेकर देशभर में विरोध की लहर उठ खड़ी हुई है। इस विवाद के बीच पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस कमेटी ने हजरा मोड़ से लेकर यादव बाबू बाजार तक एक विशाल रैली निकालकर अपना गुस्सा जताया। यह विरोध प्रदर्शन उस समय हुआ जब लोकसभा में राज्यसभा सचिव के एक फैसले से ‘वंदे मातरम’ और ‘जय हिंद’ जैसे ऐतिहासिक नारों पर रोक लगाने की बात सामने आई। इन नारों का भारत के