
Paras Dogra Crosses 10,000 Runs in Kalyani: जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने रणजी ट्रॉफी के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने सोमवार को कल्याणी में बंगाल के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान रणजी ट्रॉफी में 10,000 रन पूरे कर लिए। इस खास मुकाम तक पहुंचने वाले वह सिर्फ दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह कारनामा महाराष्ट्र के अनुभवी बल्लेबाज वसीम जाफर कर चुके हैं। पारस डोगरा ने यह उपलब्धि 147 पारियों में हासिल की है। वहीं वसीम जाफर अभी भी इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने अपने

Paras Dogra Crosses 10,000 Runs in Kalyani: जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने रणजी ट्रॉफी के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने सोमवार को कल्याणी में बंगाल के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान रणजी ट्रॉफी में 10,000 रन पूरे कर लिए। इस खास मुकाम तक पहुंचने वाले वह सिर्फ दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह कारनामा महाराष्ट्र के अनुभवी बल्लेबाज वसीम जाफर कर चुके हैं। पारस डोगरा ने यह उपलब्धि 147 पारियों में हासिल की है। वहीं वसीम जाफर अभी भी इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने अपने

Kishtwar Encounter: जम्मू-कश्मीर एक बार फिर आतंक के साए में है। किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा इलाके में रविवार रात सुरक्षाबलों और पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। घनी हरियाली और दुर्गम पहाड़ियों के बीच चली इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के 8 जवान घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। राहत की बात यह रही कि सभी घायल जवानों की हालत स्थिर बताई जा रही है। सिंहपोरा में कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन अधिकारियों के मुताबिक, किश्तवाड़ जिले के चतरू बेल्ट में मंदराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव में आतंकियों की मौजूदगी

Kishtwar Encounter: जम्मू-कश्मीर एक बार फिर आतंक के साए में है। किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा इलाके में रविवार रात सुरक्षाबलों और पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। घनी हरियाली और दुर्गम पहाड़ियों के बीच चली इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के 8 जवान घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। राहत की बात यह रही कि सभी घायल जवानों की हालत स्थिर बताई जा रही है। सिंहपोरा में कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन अधिकारियों के मुताबिक, किश्तवाड़ जिले के चतरू बेल्ट में मंदराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव में आतंकियों की मौजूदगी

जम्मू-कश्मीर की नियंत्रण रेखा के पास एक बार फिर पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ की कोशिशें तेज हो गई हैं। शुक्रवार शाम को नौशेरा सेक्टर में भारतीय सेना ने एक पाकिस्तानी ड्रोन पर गोलीबारी की। सूत्रों के मुताबिक, एक ही दिन में कई और ड्रोन भी अलग-अलग इलाकों में देखे गए। रात के अंधेरे में आसमान को रोशन करती गोलियों का यह दृश्य पिछले साल हुए ऑपरेशन सिंदूर की याद दिलाता है। सेना के अधिकारियों ने बताया कि वे उस इलाके की तलाशी ले रहे हैं जहां ड्रोन देखा गया था। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या ड्रोन ने

जम्मू-कश्मीर की नियंत्रण रेखा के पास एक बार फिर पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ की कोशिशें तेज हो गई हैं। शुक्रवार शाम को नौशेरा सेक्टर में भारतीय सेना ने एक पाकिस्तानी ड्रोन पर गोलीबारी की। सूत्रों के मुताबिक, एक ही दिन में कई और ड्रोन भी अलग-अलग इलाकों में देखे गए। रात के अंधेरे में आसमान को रोशन करती गोलियों का यह दृश्य पिछले साल हुए ऑपरेशन सिंदूर की याद दिलाता है। सेना के अधिकारियों ने बताया कि वे उस इलाके की तलाशी ले रहे हैं जहां ड्रोन देखा गया था। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या ड्रोन ने

सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद भारत ने जल संसाधनों के उपयोग में एक नया अध्याय शुरू किया है। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में दुलहस्ती स्टेज-II जलविद्युत परियोजना को हरी झंडी दे दी है। यह परियोजना 260 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता वाली है और इससे न केवल क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति मजबूत होगी, बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा में भी अहम योगदान मिलेगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब 23 अप्रैल 2025 से सिंधु जल संधि प्रभावी रूप से निलंबित हो गई है। इस निलंबन ने भारत को पश्चिमी नदियों, खासकर चिनाब,

सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद भारत ने जल संसाधनों के उपयोग में एक नया अध्याय शुरू किया है। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में दुलहस्ती स्टेज-II जलविद्युत परियोजना को हरी झंडी दे दी है। यह परियोजना 260 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता वाली है और इससे न केवल क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति मजबूत होगी, बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा में भी अहम योगदान मिलेगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब 23 अप्रैल 2025 से सिंधु जल संधि प्रभावी रूप से निलंबित हो गई है। इस निलंबन ने भारत को पश्चिमी नदियों, खासकर चिनाब,