
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षाबलों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए जैश-ए-मोहम्मद के खतरनाक आतंकी कमांडर उस्मान को मार गिराया है। यह मुठभेड़ बिलावर इलाके के घने जंगलों में हुई, जहां सुरक्षाबलों ने एक सुनियोजित तरीके से ऑपरेशन चलाया। जम्मू रेंज के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन टूटी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि यह एक संयुक्त अभियान था जिसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने मिलकर काम किया। खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया ऑपरेशन सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि कुछ आतंकी बिलावर क्षेत्र के घने जंगलों में

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षाबलों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए जैश-ए-मोहम्मद के खतरनाक आतंकी कमांडर उस्मान को मार गिराया है। यह मुठभेड़ बिलावर इलाके के घने जंगलों में हुई, जहां सुरक्षाबलों ने एक सुनियोजित तरीके से ऑपरेशन चलाया। जम्मू रेंज के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन टूटी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि यह एक संयुक्त अभियान था जिसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने मिलकर काम किया। खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया ऑपरेशन सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि कुछ आतंकी बिलावर क्षेत्र के घने जंगलों में

नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के छह महीने पूरे होने के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फिर से सक्रिय होने की आशंका बढ़ गई है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और सेना ने अमेरिका के साथ अपने बेहतर संबंधों का लाभ उठाकर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों को पुनः सक्रिय करने का प्रयास शुरू कर दिया है। आतंकवाद पर आईएसआई का पुनरुत्थान प्रयास आपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सुरक्षा बलों ने जैश, लश्कर और हिज्बुल मुजाहिदीन के कई ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इस कार्रवाई से इन संगठनों को गंभीर क्षति हुई थी और उनके कई प्रमुख नेता सुरक्षित स्थानों में

नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के छह महीने पूरे होने के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फिर से सक्रिय होने की आशंका बढ़ गई है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और सेना ने अमेरिका के साथ अपने बेहतर संबंधों का लाभ उठाकर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों को पुनः सक्रिय करने का प्रयास शुरू कर दिया है। आतंकवाद पर आईएसआई का पुनरुत्थान प्रयास आपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सुरक्षा बलों ने जैश, लश्कर और हिज्बुल मुजाहिदीन के कई ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इस कार्रवाई से इन संगठनों को गंभीर क्षति हुई थी और उनके कई प्रमुख नेता सुरक्षित स्थानों में