
झारखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण की गति बढ़ाने के निर्देश झारखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) ने मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की। इस बैठक में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ‘पैतृक मैपिंग’ (Ancestral Mapping) की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाए ताकि राज्य के हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित हो सके। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति मतदाता है और यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि कोई भी पात्र मतदाता वंचित न

झारखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण की गति बढ़ाने के निर्देश झारखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) ने मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की। इस बैठक में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ‘पैतृक मैपिंग’ (Ancestral Mapping) की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाए ताकि राज्य के हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित हो सके। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति मतदाता है और यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि कोई भी पात्र मतदाता वंचित न

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने पैतृक मैपिंग कार्य की समीक्षा की रांची। झारखंड राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने गुरुवार को निर्वाचन सदन में आयोजित समीक्षा बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य में मतदाता सूची का अद्यतन एक पारदर्शी और त्रुटिरहित प्रक्रिया होनी चाहिए। मतदाता सूची में सटीकता के लिए पैतृक मैपिंग को बताया आवश्यक श्री रवि कुमार ने कहा कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाकर वर्तमान सूची के मतदाताओं की “पैतृक मैपिंग” शीघ्र और

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने पैतृक मैपिंग कार्य की समीक्षा की रांची। झारखंड राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने गुरुवार को निर्वाचन सदन में आयोजित समीक्षा बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य में मतदाता सूची का अद्यतन एक पारदर्शी और त्रुटिरहित प्रक्रिया होनी चाहिए। मतदाता सूची में सटीकता के लिए पैतृक मैपिंग को बताया आवश्यक श्री रवि कुमार ने कहा कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाकर वर्तमान सूची के मतदाताओं की “पैतृक मैपिंग” शीघ्र और

मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए पैतृक मैपिंग अभियान को मिली नई गति रांची। झारखण्ड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने राज्य में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस प्रक्रिया का मूल उद्देश्य मतदाताओं को कम से कम दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की आवश्यकता के साथ उनकी पैतृक मैपिंग को त्रुटिरहित और तीव्र गति से पूरा करना है। शनिवार को निर्वाचन सदन से सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों, कंप्यूटर ऑपरेटरों और हेल्प डेस्क मैनेजरों के साथ समीक्षा एवं प्रशिक्षण बैठक का

मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए पैतृक मैपिंग अभियान को मिली नई गति रांची। झारखण्ड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने राज्य में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस प्रक्रिया का मूल उद्देश्य मतदाताओं को कम से कम दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की आवश्यकता के साथ उनकी पैतृक मैपिंग को त्रुटिरहित और तीव्र गति से पूरा करना है। शनिवार को निर्वाचन सदन से सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों, कंप्यूटर ऑपरेटरों और हेल्प डेस्क मैनेजरों के साथ समीक्षा एवं प्रशिक्षण बैठक का

घाटशिला उपचुनाव में बढ़ी सियासी गर्मी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव झारखंड की राजनीति में नया अध्याय लिखने जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है। दूसरी ओर भाजपा इस सीट पर जीत दर्ज कर राज्य में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करना चाहती है। दोनों दलों के लिए यह चुनाव सम्मान और अस्तित्व का मामला बन चुका है। आदिवासी और कुड़मी मतदाता बने चुनाव की धुरी घाटशिला विधानसभा में लगभग 45 प्रतिशत आदिवासी और 45 प्रतिशत ओबीसी मतदाता हैं। इनमें कुड़मी समुदाय की संख्या सबसे प्रभावशाली है। यही समुदाय इस बार चुनाव की दिशा

घाटशिला उपचुनाव में बढ़ी सियासी गर्मी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव झारखंड की राजनीति में नया अध्याय लिखने जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है। दूसरी ओर भाजपा इस सीट पर जीत दर्ज कर राज्य में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करना चाहती है। दोनों दलों के लिए यह चुनाव सम्मान और अस्तित्व का मामला बन चुका है। आदिवासी और कुड़मी मतदाता बने चुनाव की धुरी घाटशिला विधानसभा में लगभग 45 प्रतिशत आदिवासी और 45 प्रतिशत ओबीसी मतदाता हैं। इनमें कुड़मी समुदाय की संख्या सबसे प्रभावशाली है। यही समुदाय इस बार चुनाव की दिशा