पुणे-मुंबई राष्ट्रीय महामार्ग पर रोजाना हजारों वाहन आते-जाते हैं। इस व्यस्त सड़क पर कभी-कभी दुर्घटनाएं भी होती हैं। ऐसे में कुछ कामगार ऐसे हैं जो दिन-रात हाईवे पर तैनात रहते हैं और दुर्घटना होने पर तुरंत घायलों की मदद करते हैं। इन कामगारों को लोग ‘देवदूत’ कहते हैं क्योंकि इन्होंने अनगिनत लोगों की जान बचाई है। लेकिन जो लोग दूसरों की जान बचाते हैं, उनके अपने हक और अधिकारों की किसी को परवाह नहीं है। इसी अन्याय के खिलाफ 26 जनवरी 2026 को कुसगांव में भारतीय मजदूर संघ ने एक बड़ा आंदोलन किया। यह आंदोलन आयरन पंप कंपनी के प्रशासन