देश में श्रम कानून को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। AIUTUC समेत दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने श्रम कोड रद्द करने की मांग को लेकर देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इस हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा सहित विभिन्न संगठनों ने अपना समर्थन दिया है। इस बीच पश्चिम बंगाल में राजनीतिक और प्रशासनिक मोर्चे पर कई अहम मुद्दे चर्चा में हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और तृणमूल नेता अभिषेक बंद्योपाध्याय के बीच तीखी नोकझोंक से लेकर बेलडांगा हिंसा मामले में NIA जांच तक, राज्य की राजनीति गर्म है। देशव्यापी हड़ताल का असर कितना होगा