
No-Confidence Motion: लोकसभा की राजनीति एक बार फिर ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां प्रक्रिया, परंपरा और टकराव तीनों आमने-सामने दिख रहे हैं। विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपकर संसद के भीतर जारी गतिरोध को और तीखा कर दिया है। यह कदम सिर्फ एक प्रस्ताव भर नहीं है, बल्कि इसके जरिए विपक्ष ने यह संकेत दिया है कि वह सदन के संचालन और अध्यक्ष की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े करना चाहता है। इस प्रस्ताव पर कांग्रेस, डीएमके, समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों के करीब 120 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं।

No-Confidence Motion: लोकसभा की राजनीति एक बार फिर ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां प्रक्रिया, परंपरा और टकराव तीनों आमने-सामने दिख रहे हैं। विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपकर संसद के भीतर जारी गतिरोध को और तीखा कर दिया है। यह कदम सिर्फ एक प्रस्ताव भर नहीं है, बल्कि इसके जरिए विपक्ष ने यह संकेत दिया है कि वह सदन के संचालन और अध्यक्ष की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े करना चाहता है। इस प्रस्ताव पर कांग्रेस, डीएमके, समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों के करीब 120 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं।

No-Confidence Motion: लोकसभा में चल रहा गतिरोध अब एक नए और ज्यादा गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। विपक्ष ने सीधे तौर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिस सौंपकर साफ कर दिया है कि अब मामला केवल कार्यवाही ठप होने तक सीमित नहीं रहा। संसद के भीतर और बाहर, दोनों जगह यह कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय मर्यादाओं को लेकर एक बड़ी बहस को जन्म दे रहा है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मंगलवार दोपहर 1 बजकर 14 मिनट पर नियम और प्रक्रिया के नियम 94C के तहत लोकसभा सचिवालय को यह नोटिस सौंपा।

No-Confidence Motion: लोकसभा में चल रहा गतिरोध अब एक नए और ज्यादा गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। विपक्ष ने सीधे तौर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिस सौंपकर साफ कर दिया है कि अब मामला केवल कार्यवाही ठप होने तक सीमित नहीं रहा। संसद के भीतर और बाहर, दोनों जगह यह कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय मर्यादाओं को लेकर एक बड़ी बहस को जन्म दे रहा है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मंगलवार दोपहर 1 बजकर 14 मिनट पर नियम और प्रक्रिया के नियम 94C के तहत लोकसभा सचिवालय को यह नोटिस सौंपा।