कोलकाता में रथ यात्रा के लिए 2000 पुलिसकर्मियों की तैनाती, ड्रोन से निगरानी और सुरक्षा के खास इंतजाम

Kolkata Rath Yatra police security arrangements: कोलकाता में रथ यात्रा को लेकर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा योजना बनाई है। 2000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, ड्रोन से निगरानी होगी और संवेदनशील इलाकों में पहले से रूट मार्च किया जाएगा। साथ ही 21 जुलाई के राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर भी पुलिस ने अलग तैयारी की है। फिलहाल छोटे कार्यक्रमों या जुलूस के लिए कोई नया अनुमति आवेदन नहीं मिला है।
विषयसूची
रथ यात्रा के लिए पुलिस की सुरक्षा योजना
Kolkata Rath Yatra police security arrangements: कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार ने आगामी रथयात्रा के मद्देनजर सुरक्षा की व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इस दौरान शहर की सड़कों पर 2000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस बार 86 छोटे रथ निकलेंगे, जिनमें प्रत्येक में 100 से 150 लोगों की भीड़ जुटने की संभावना है। इसके अलावा 8 बड़े रथ भी निकलेंगे, जिनमें इस्कॉन का रथ भी शामिल है। इस्कॉन रथ में 2000 से अधिक लोगों की भीड़ जुटने का अनुमान है।
संवेदनशील इलाकों में रथयात्रा से एक दिन पहले ही पुलिस रूट मार्च करेगी। रथयात्रा वाले दिन क्विक रेस्पॉन्स टीम क्यूआरटी (QRT) गश्त लगाएगी और पूरे इलाके पर ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी। किसी भी तरह की अशांति की सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचने के लिए सभी थानों को निर्देश दिए गए हैं।



ड्रोन निगरानी और रूट मार्च पर रहेगा खास ध्यान
इसके साथ ही 21 जुलाई के कार्यक्रम को लेकर भी प्रशासनिक फैसले लिए गए हैं। कांग्रेस को शहीद मीनार और ऋतब्रत गुट को गांधी मूर्ति स्थल आयोजन के लिए दिया गया है। वहीं कालीघाट तृणमूल ने डोरिना क्रॉसिंग की अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस ने यह अनुमति देने से इनकार कर दिया है, क्योंकि उसी इलाके में पहले से एक अन्य सभा प्रस्तावित है।
मंगलवार दोपहर पुलिस की ओर से कालीघाट तृणमूल को इसके बदले ब्रिगेड मैदान में सभा करने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन अब तक इसका कोई जवाब नहीं आया है। पुलिस सूत्रों का मानना है कि जवाब आने की संभावना कम है। सूत्रों के अनुसार, कालीघाट तृणमूल छोटे स्तर पर अलग-अलग जगहों पर सभा या जुलूस कर सकता है, लेकिन इसके लिए भी अभी तक कोई अनुमति आवेदन जमा नहीं हुआ है।
आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि कालीघाट तृणमूल प्रशासन के प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाता है।



रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

