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Lok Asmita Sahitya: प्रो. शैलेंद्र शर्मा ने बताया लोक और साहित्य का गहरा रिश्ता

निराला जयंती: लोक के बिना साहित्य अधूरा – प्रो. शर्मा का विशेष संबोधन

साहित्य में लोक की महत्ता पर विशेष व्याख्यान नागपुर। साहित्य केवल शब्दों का खेल नहीं है बल्कि यह समाज की आत्मा और लोक की अस्मिता को दर्शाता है। यह महत्वपूर्ण बात सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलानुशासक प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार शर्मा ने राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में कही। यह कार्यक्रम महाकवि निराला की जयंती और बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर आयोजित किया गया था। प्रोफेसर शर्मा ने अपने व्याख्यान में साहित्य और लोक के बीच के गहरे रिश्ते को समझाया। उन्होंने कहा कि साहित्य का असली काम लोक की भावनाओं, उनकी समस्याओं और

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