नागपुर, 18 सितम्बर: भारतीय समाज की नींव माने जाने वाले विवाह संस्था को मज़बूत बनाए रखने के लिए राज्य महिला आयोग ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। आयोग की अध्यक्षा रूपाली चाकणकर ने कहा कि अब केवल विवाहोत्तर विवादों के निवारण पर ही नहीं, बल्कि विवाहपूर्व समुपदेशन (Pre-marital Counselling) पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य तलाक के बढ़ते मामलों पर नियंत्रण करना और दांपत्य जीवन को स्थिर एवं सुखद बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाना है। Web Story: Maharashtra State Women Commission Initiative: जनसुनवाई में रखी गई पहल Premarital Counseling Focus: ‘महिला आयोग आपके द्वार’