women rights India - 15 साल की पीड़िता के 30 हफ्ते के गर्भ मामले में सुनवाई के दौरान अदालत ने दर्द, मानसिक आघात और अधिकारों के बीच संतुलन की अहमियत बताई। एम्स ने मेडिकल जोखिमों का हवाला दिया, लेकिन कोर्ट ने कहा-अंतिम फैसला पीड़िता का होना चाहिए। यह मामला अब देश में प्रजनन अधिकारों और कानून सुधार की बड़ी बहस बन गया है।