
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष: राष्ट्रनिर्माण की नई चेतना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने इस वर्ष अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण किए हैं। 2 अक्टूबर 2025, विजयादशमी के पावन अवसर पर संघ ने अपने शताब्दी वर्ष का शुभारंभ किया। यह अवसर केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन, नवसंकल्प और राष्ट्रनिर्माण के प्रति नवीन दृष्टिकोण का भी प्रतीक है। इस दिन से पूरे देश में विविध आयोजनों की शृंखला आरंभ हुई है, जिनका उद्देश्य समाज को एकसूत्र में पिरोकर भारत को विश्वगुरु के रूप में स्थापित करने का है। समाज को जोड़ने का संकल्प – RSS 100 Years संघ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष: राष्ट्रनिर्माण की नई चेतना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने इस वर्ष अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण किए हैं। 2 अक्टूबर 2025, विजयादशमी के पावन अवसर पर संघ ने अपने शताब्दी वर्ष का शुभारंभ किया। यह अवसर केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन, नवसंकल्प और राष्ट्रनिर्माण के प्रति नवीन दृष्टिकोण का भी प्रतीक है। इस दिन से पूरे देश में विविध आयोजनों की शृंखला आरंभ हुई है, जिनका उद्देश्य समाज को एकसूत्र में पिरोकर भारत को विश्वगुरु के रूप में स्थापित करने का है। समाज को जोड़ने का संकल्प – RSS 100 Years संघ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष पर विशेष आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छिंदवाड़ा महाविद्यालय कार्य विभाग द्वारा आयोजित भव्य और साहसिक साइकिल यात्रा ने सामाजिक और राष्ट्रीय स्तर पर उत्साह और जोश का संचार किया। यह यात्रा छिंदवाड़ा से प्रारंभ होकर नागपुर तक विस्तृत थी, जिसमें लगभग 125 किलोमीटर की दूरी तय की गई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रभावना, शारीरिक सुदृढ़ता और सामूहिक अनुशासन की भावना विकसित करना था। यात्रा की शुरुआत और मार्ग मंगलवार, 5 नवम्बर को सुबह 6:30 बजे संघ कार्यालय, छिंदवाड़ा से यह साहसिक यात्रा प्रारंभ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष पर विशेष आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छिंदवाड़ा महाविद्यालय कार्य विभाग द्वारा आयोजित भव्य और साहसिक साइकिल यात्रा ने सामाजिक और राष्ट्रीय स्तर पर उत्साह और जोश का संचार किया। यह यात्रा छिंदवाड़ा से प्रारंभ होकर नागपुर तक विस्तृत थी, जिसमें लगभग 125 किलोमीटर की दूरी तय की गई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रभावना, शारीरिक सुदृढ़ता और सामूहिक अनुशासन की भावना विकसित करना था। यात्रा की शुरुआत और मार्ग मंगलवार, 5 नवम्बर को सुबह 6:30 बजे संघ कार्यालय, छिंदवाड़ा से यह साहसिक यात्रा प्रारंभ

नई दिल्ली।रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष पर संगठन की गौरवमयी और प्रेरक यात्रा का वर्णन किया। उन्होंने लिखा कि 27 सितंबर 1925 को नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा RSS की स्थापना ने भारत में सेवा, त्याग और राष्ट्र निर्माण का एक नया मार्ग प्रशस्त किया। बीते सौ वर्षों में संघ ने न केवल सामाजिक बुनियाद को मजबूत किया बल्कि देश की संप्रभुता की रक्षा, कमजोर वर्गों का सशक्तिकरण और भारतीय सभ्यता के मूल्यों का संवर्धन भी किया। संघ का समावेशी दृष्टिकोण और जीवन मूल्यों पर बलसरसंघचालक श्री मोहन भागवत ने

नई दिल्ली।रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष पर संगठन की गौरवमयी और प्रेरक यात्रा का वर्णन किया। उन्होंने लिखा कि 27 सितंबर 1925 को नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा RSS की स्थापना ने भारत में सेवा, त्याग और राष्ट्र निर्माण का एक नया मार्ग प्रशस्त किया। बीते सौ वर्षों में संघ ने न केवल सामाजिक बुनियाद को मजबूत किया बल्कि देश की संप्रभुता की रक्षा, कमजोर वर्गों का सशक्तिकरण और भारतीय सभ्यता के मूल्यों का संवर्धन भी किया। संघ का समावेशी दृष्टिकोण और जीवन मूल्यों पर बलसरसंघचालक श्री मोहन भागवत ने

नई दिल्ली।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष और संघ की 100 वर्षों की गौरवमयी यात्रा पर विशेष आलेख लिखा है। यह आलेख राष्ट्र साधना, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में संघ के योगदान को उजागर करता है। प्रधानमंत्री ने लिखा कि 100 वर्ष पूर्व विजयदशमी के महापर्व पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना एक नई राष्ट्रीय चेतना और समाज सेवा के संकल्प का प्रतीक थी। संघ, हजारों वर्षों से चली आ रही राष्ट्र चेतना की परंपरा का पुनर्स्थापन है। वर्तमान पीढ़ी के स्वयंसेवकों के लिए यह सौभाग्य की बात है कि वे संघ के

नई दिल्ली।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष और संघ की 100 वर्षों की गौरवमयी यात्रा पर विशेष आलेख लिखा है। यह आलेख राष्ट्र साधना, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में संघ के योगदान को उजागर करता है। प्रधानमंत्री ने लिखा कि 100 वर्ष पूर्व विजयदशमी के महापर्व पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना एक नई राष्ट्रीय चेतना और समाज सेवा के संकल्प का प्रतीक थी। संघ, हजारों वर्षों से चली आ रही राष्ट्र चेतना की परंपरा का पुनर्स्थापन है। वर्तमान पीढ़ी के स्वयंसेवकों के लिए यह सौभाग्य की बात है कि वे संघ के

Sangh Geet Collection Launch in Nagpur | शंकर महादेवन ने दी शानदार प्रस्तुति नागपुर के रेशीमबाग स्थित सुरेश भट सभागार में रविवार को Sangh Geet Collection Launch in Nagpur का भव्य आयोजन हुआ। राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना से ओतप्रोत इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के गीतों और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और वंदे मातरम् से हुआ। मंच पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी, महसूल मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे समेत कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। डॉ. मोहन भागवत का संदेश डॉ. मोहन भागवत ने अपने संबोधन

Sangh Geet Collection Launch in Nagpur | शंकर महादेवन ने दी शानदार प्रस्तुति नागपुर के रेशीमबाग स्थित सुरेश भट सभागार में रविवार को Sangh Geet Collection Launch in Nagpur का भव्य आयोजन हुआ। राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना से ओतप्रोत इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के गीतों और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और वंदे मातरम् से हुआ। मंच पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी, महसूल मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे समेत कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। डॉ. मोहन भागवत का संदेश डॉ. मोहन भागवत ने अपने संबोधन