उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों धर्म और सत्ता को लेकर एक नई बहस छिड़ी हुई है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच चल रही इस बयानबाजी ने धार्मिक परंपराओं और राजनीतिक मर्यादाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां शंकराचार्य सनातन परंपरा की बात कर रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री कानून और व्यवस्था को सर्वोपरि मानते हैं। इस पूरे विवाद ने न केवल धार्मिक जगत बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। विवाद की शुरुआत कैसे हुई यह पूरा मामला माघ मेले से जुड़े एक प्रशासनिक विवाद से शुरू हुआ। माघ मेले