जब देश के भविष्य की बात हो तो सिर्फ भाषणों से काम नहीं चलता नागपुर की सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के सभागार में 6 दिसंबर को जो कुछ हुआ, वह महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था। यह उस सोच का प्रतिबिंब था जो भारत को उसकी जड़ों से जोड़ते हुए आगे ले जाना चाहता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह सरकार्यवाह श्री अरुण कुमार जी ने संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित ‘उत्तिष्ठ भारत’ प्राध्यापक संगोष्ठी में जो कहा, वह आज के दौर में हर भारतीय के लिए सोचने का विषय है। आत्मविस्मृति से बाहर निकलने की जरूरत