सुप्रीम कोर्ट का कठोर रुख सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक बेहद गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत के आदेश में तुच्छ त्रुटि का हवाला देकर उसकी अवहेलना करना पूरी तरह अनुचित है। यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश की जेल प्रशासन द्वारा एक अंडरट्रायल कैदी की रिहाई में 28 दिनों की देरी के मामले में की गई, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के जमानत आदेश में केवल एक उपधारा का उल्लेख छूट गया था। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने स्पष्ट किया कि मामूली त्रुटि के आधार पर किसी भी व्यक्ति को लंबे समय तक जेल में रखना न्याय के सिद्धांतों के