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Bhopal Maha-Chaupal: राहुल गांधी का बड़ा हमला, अमेरिका ट्रेड डील, चीन घुसपैठ और कॉर्पोरेट संबंधों पर पीएम मोदी पर सीधी चेतावनी

Rahul Gandhi Bhopal Kisan Maha Chaupal Trade Deal Speech: US इंडिया ट्रेड डील, मोदी सरकार और कॉर्पोरेट रिश्ते सवालों के घेरे में
Rahul Gandhi Bhopal Kisan Maha Chaupal Trade Deal Speech: US इंडिया ट्रेड डील, मोदी सरकार और कॉर्पोरेट रिश्ते सवालों के घेरे में (Image Source: X/@RahulGandhi)
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बड़े कॉरपोरेट घरानों से सरकार के संबंधों पर निशाना

Rahul Gandhi Bhopal Kisan Maha Chaupal Trade Deal Speech: भोपाल में मंगलवार को कांग्रेस ने अमेरिका के साथ भारत की ट्रेड डील के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोल दिया। पहली किसान महा-चौपाल में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी दी और केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका-भारत ट्रेड डील, चीन सीमा विवाद और बड़े कॉरपोरेट घरानों से सरकार के संबंधों पर गंभीर सवाल हैं। राहुल गांधी ने नरवाणे की किताब का हवाला देते हुए कहा कि चीन की सीमा पर टैंक आने के समय प्रधानमंत्री ने सही निर्णय लेने में चुप्पी साधी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है कि मोदी सरकार अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ पर रोक लगाए जाने के बाद इस ट्रेड डील पर हिम्मत दिखाए और इसे रद्द करे। कांग्रेस ने ट्रेड डील को लेकर किसानों पर होने वाले संभावित नुकसान को देखते हुए देशभर में महा-चौपाल का आयोजन किया है, जिसकी शुरुआत भोपाल से हुई। इस चौपाल को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी संबोधित किया।
लोकसभा में जवाब के समय पीएम मोदी गायब

जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पहली बार उन्हें लोकसभा में नेता विपक्ष होने के बावजूद बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि नरवणे की किताब में साफ लिखा है कि जब चीन के टैंक भारत की सीमा में दाखिल हो रहे थे, तब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को फोन करके उन्होंने पूछा कि मेरा ऑर्डर क्या है। लेकिन जब चीन को जवाब देने का समय आया, तब प्रधानमंत्री मोदी गायब थे। राहुल गांधी ने कहा कि यही स्थिति लोकसभा में हुई। विपक्ष ने राष्ट्रपति के बजट अभिभाषण और नरवणे की किताब पर चर्चा करने के लिए जोर दिया, लेकिन सरकार केवल एक सप्ताह बाद चर्चा के लिए तैयार हुई। जब उन्होंने सदन में गलबन की स्थिति पर सवाल उठाया, तब भी प्रधानमंत्री सदन में मौजूद नहीं थे।

एपस्टीन मामले और ट्रेड डील का कनेक्शन

यूएस-इंडिया ट्रेड डील पर राहुल गांधी ने कहा कि यह समझौता चार महीने तक रुका हुआ था। उन्होंने बताया कि डील इसलिए रुकी क्योंकि कृषि क्षेत्र में इसे लेकर भारत की सरकार और किसान चिंतित थे। अमेरिकी कंपनियों को सोया, कपास, भुट्टा और दाल जैसी वस्तुएं भारत में बेचने की अनुमति नहीं दी जानी थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लोकसभा में उनका भाषण खत्म होते ही प्रधानमंत्री मोदी बिना अपने कैबिनेट के किसी सदस्य से चर्चा किए सीधे ट्रंप को फोन कर गए। ट्रंप ने ट्वीट करके भी यह जानकारी साझा की कि प्रधानमंत्री ने उन्हें फोन कर कहा कि वे डील पर साइन करने को तैयार हैं। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि अगर डील चार महीने रुकी हुई थी, तो अचानक इतनी जल्दी यह कदम क्यों लिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि मोदी सरकार ने अगले दिन एक बहाना बनाया कि कांग्रेस पार्टी की महिलाएं उन पर हमला करने वाली थीं। लेकिन राहुल गांधी ने कहा कि वास्तविक कारण यह था कि अमेरिका में एपस्टीन से जुड़ी 30 लाख फाइलें थीं। भारत को दबाव में लाने के लिए केवल हरदीप पुरी का नाम सामने लाया गया, लेकिन अगर डील नहीं होती, तो और नाम भी सार्वजनिक किए जा सकते थे।

अनिल अंबानी और अडानी से उनका क्या संबंध ?

राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री से सवाल किया कि अनिल अंबानी और अडानी से उनका क्या संबंध है। उन्होंने कहा कि अडानी कोई मामूली कंपनी नहीं है, बल्कि यह मोदी सरकार के फाइनेंस स्ट्रक्चर का हिस्सा है। राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि देश के किसान और नागरिक इस मामले में जवाब चाहते हैं और सरकार को स्पष्ट रूप से बताना होगा कि यह ट्रेड डील किस तरह से भारत और किसानों के हित में है।


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Priyanka C. Mishra

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