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रसोई गैस की कमी के बीच केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, लागू हुआ ECA

रसोई गैस की कमी के बीच केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, लागू हुआ ECA
रसोई गैस की कमी के बीच केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, लागू हुआ ECA

देश के कई शहरों में एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता के बीच केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (ECA) लागू कर दिया है। सरकार ने रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस की सप्लाई सुचारू रूप से मिलती रहे।

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ECA Act: मिडिल ईस्ट देशों में जारी तनाव और युद्ध की स्थिति का असर अब ऊर्जा बाजार पर भी दिखने लगा है। इसी बीच भारत में भी रसोई गैस यानी एलपीजी की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। देश के कई शहरों से गैस की उपलब्धता कम होने की खबरें लगातार सामने आ रही है। इसी बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है.

भारत में ECA लागू

सरकार ने घरेलू एलपीजी की सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (Essential Commodities Act) लागू कर दिया है। इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में रसोई गैस की कमी न हो और आम लोगों को समय पर गैस सिलेंडर मिल सके।

सरकार के आदेश के मुताबिक अब रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल कंपनियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कुछ खास हाइड्रोकार्बन गैसों का इस्तेमाल अब अन्य औद्योगिक कार्यों के बजाय एलपीजी बनाने के लिए किया जाएगा। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

क्या है आवश्यक वस्तु अधिनियम (ECA)?

आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण कानून है, जिसका उद्देश्य जरूरी वस्तुओं के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित करना है। इस कानून का मकसद यह भी है कि बाजार में जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगे और आम लोगों को जरूरी सामान उचित कीमत पर मिलता रहे।

इस अधिनियम के तहत सरकार को यह अधिकार होता है कि वह जरूरत पड़ने पर किसी भी आवश्यक वस्तु के उत्पादन, भंडारण, वितरण और व्यापार को नियंत्रित कर सके। सरकार चाहें तो स्टॉक की सीमा भी तय कर सकती है, ताकि किसी भी वस्तु की कृत्रिम कमी न पैदा हो।

कानून की धारा 3 सरकार को आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन और सप्लाई को नियंत्रित करने का अधिकार देती है, जबकि धारा 7 में इस कानून के उल्लंघन पर दंड का प्रावधान भी किया गया है।

सरकार ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश ?

सरकार ने रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल प्लांट को साफ निर्देश दिया है कि कुछ गैसों का इस्तेमाल अब पेट्रोकेमिकल उत्पाद या अन्य औद्योगिक उपयोग के लिए नहीं किया जाएगा। इन गैसों को सीधे एलपीजी उत्पादन में लगाया जाएगा, ताकि घरेलू गैस की सप्लाई प्रभावित न हो। इसके साथ ही तेल मार्केटिंग कंपनियों को भी निर्देश दिया गया है कि इस व्यवस्था के तहत तैयार की जाने वाली एलपीजी को प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए।

सरकार का कहना है कि एलपीजी भारत में घरों में खाना बनाने के लिए सबसे जरूरी ईंधनों में से एक है, इसलिए इसकी लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। यह नया आदेश 5 मार्च को जारी पुराने आदेश की जगह लागू किया गया है और अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।