पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: मतदान से पहले बढ़ी सियासी गर्मी
West Bengal Assembly Election 2026 Congress candidates list Adhir Ranjan Chowdhury Baharampur: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 – कांग्रेस की उम्मीदवार सूची, पुलिस तबादले और सियासी घमासान

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले कांग्रेस पार्टी ने अपनी पहली सूची में 284 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने बहरामपुर से अधीर रंजन चौधरी और मालतीपुर से मौसम नूर को मैदान में उतारा है। हालांकि, राज्य की दो सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों – भवानीपुर और नंदीग्राम – पर ‘हाथ’ कैंप ने अब तक उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं।

खड़गपुर टाउन से बीजेपी नेता दिलीप घोष ने कांग्रेस की इस घोषणा पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “कांग्रेस सिर्फ अपना मुंह बचाने की कोशिश कर रही है। अधीर-दा नेता हैं, लड़ रहे हैं – लेकिन पिछली बार जीते थे, इस बार तीसरे नंबर पर रहे। पूरा राजनीतिक समीकरण बदल गया है। लोग यहां कांग्रेस का नाम भूल चुके हैं।”
पुलिस में बड़ा फेरबदल
चुनाव से ठीक पहले राज्य के पुलिस बल में बड़े पैमाने पर तबादले किए गए हैं। कोलकाता पुलिस के 31 और जिला पुलिस बलों के 142 – कुल 173 ओसी और आईसी का तबादला हुआ है। सवाल उठ रहा है कि क्या इस सूची में भवानीपुर, कालीघाट और नंदीग्राम थानों के अधिकारी भी शामिल हैं।
दिलीप घोष ने इस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ पुलिस का मामला नहीं है – पूरा प्रशासनिक तंत्र इसमें शामिल है। कुछ हजार कर्मचारी ममता बनर्जी के प्रति वफादार हैं और इन्होंने भ्रष्टाचार, हिंसा और गुंडाराज को बनाए रखने में भूमिका निभाई है। चुनाव आयोग के पास पिछले दो-तीन चुनावों का पूरा रिकॉर्ड है।”
चुनाव कर्मियों के लिए कैशलेस इलाज की व्यवस्था
राज्य सरकार ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की है। यह 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारी में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि मौजूदा स्वास्थ्य योजनाओं से बाहर के कर्मी भी इसका लाभ उठा सकेंगे या नहीं।
दिलीप घोष ने इस पर कहा, “ममता बनर्जी जितने चाहें वादे करें – 4 तारीख तक वे कुछ भी लागू नहीं कर सकतीं। अभी तो वे ‘डमी’ मुख्यमंत्री हैं। वादे करने में कुछ खर्च नहीं होता – जनता समझ चुकी है।”
ममता बनर्जी, अमित शाह
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ‘विक्टिम कार्ड’ वाले बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि उनके पैर में जो चोट लगी, वह शाह के लोगों की करतूत है और शाह का बयान खुद इस साजिश का सबूत है।
दिलीप घोष ने इसे खारिज करते हुए कहा, “उन्हें अपने ही घर के अंदर धक्का दिया गया – क्या वह अमित शाह था? टूटे हुए पैर का नाटक पुराना हो चुका है। वह फिल्म अब नहीं चलेगी।”
राज्य में चुनावी माहौल तेजी से गर्म हो रहा है। आने वाले दिनों में और सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा और चुनाव आयोग की सक्रियता पर सबकी नजर रहेगी।
रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल