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ToggleRBI MPC Meeting: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के नतीजे सामने आ गए हैं। इस बार भी RBI ने आम लोगों को राहत देते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी यह दर पहले की तरह 5.25% पर ही बनी रहेगी। इसका सीधा असर यह है कि जिन लोगों ने होम लोन या कार लोन लिया हुआ है, उनकी EMI फिलहाल न तो बढ़ेगी और न ही घटेगी।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि समिति ने इस बार भी ‘न्यूट्रल’ रुख बनाए रखा है। इसके अलावा SDF को 5% और MSF को 5.50% पर स्थिर रखा गया है।
पिछले साल र रेपो रेट में हुई थी कटौती
अगर पिछले साल की बात करें तो 2025 में RBI ने कई बार रेपो रेट में कटौती की थी। कुल मिलाकर 125 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई थी, जिससे लोन लेने वालों को काफी राहत मिली थी। लेकिन 2026 की शुरुआत से ही RBI ने इस पर ब्रेक लगा दिया है और फरवरी के बाद अब अप्रैल की बैठक में भी इसे स्थिर रखा गया है।
रेपो रेट क्या है ?
आसान भाषा में समझें तो यह वह दर होती है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है। जब यह दर बढ़ती है, तो बैंकों के लिए पैसा महंगा हो जाता है और वे ग्राहकों को महंगे ब्याज पर लोन देते हैं। इससे EMI बढ़ जाती है। वहीं, जब रेपो रेट कम होता है तो लोन सस्ता हो जाता है और EMI घटती है।
आर्थिक स्थिति पर RBI के अनुमान
RBI ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर भी कुछ अहम अनुमान दिए हैं। FY26 के लिए भारत की GDP ग्रोथ 7.6% रहने का अनुमान है, जबकि FY27 के लिए इसे 6.9% रखा गया है। वहीं महंगाई को लेकर भी अनुमान जारी किया गया है। RBI के मुताबिक, 2027 में खुदरा महंगाई दर करीब 4.6% रह सकती है।
गवर्नर ने यह भी कहा कि दुनिया भर में तनाव, मिडिल ईस्ट के हालात और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत बनी हुई है।