Raghav Chadda: आम आदमी पार्टी (AAP) के अंदर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल पंजाब सरकार की ओर से दी जा रही Z+ श्रेणी की सुरक्षा हटाए जाने के बाद सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पार्टी और राघव चड्ढा के बीच दूरी लगातार बढ़ती नजर आ रही है।
दिल्ली सरकार की ओर से मिलेगी सुरक्षा
हालांकि, राहत की बात यह है कि राघव चड्ढा को पूरी तरह असुरक्षित नहीं छोड़ा गया है। जानकारी के अनुसार, उन्हें जल्द ही केंद्रीय सुरक्षा कवर मिलने वाला है। तब तक दिल्ली सरकार की ओर से उनकी सुरक्षा की व्यवस्था की जा रही है। बताया जा रहा है कि उनकी सुरक्षा पिछले सप्ताह ही हटा ली गई थी, लेकिन अब यह मामला सुर्खियों में आया है।
पार्टी में पहले ही हो चुका था बड़ा फेरबदल
इस पूरे विवाद की शुरुआत 2 अप्रैल को हुए एक बड़े बदलाव से मानी जा रही है। उस दिन आम आदमी पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया था। उनकी जगह अशोक कुमार मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। यह बदलाव पार्टी के भीतर किसी बड़े असंतोष का संकेत माना गया।
इसके बाद हालात और तब बिगड़े जब राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर खुद पर लगे आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने अपनी ही पार्टी पर सवाल उठाए, जिसके बाद AAP नेताओं ने भी उनके खिलाफ खुलकर मोर्चा संभाल लिया।
CM भगवंत मान का बयान बना विवाद की वजह
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान ने इस विवाद को और हवा दे दी। उन्होंने कहा था कि पार्टी में पद बदलना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कुछ मुद्दों पर सांसदों से अपेक्षित प्रतिक्रिया न मिलना गंभीर बात है। उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दों की बजाय संसद में हल्के मुद्दे उठाए, जिससे पार्टी की छवि प्रभावित हुई।
मान ने यहां तक कह दिया कि उन्हें लगता है कि राघव चड्ढा “कम्प्रोमाइज्ड” हो चुके हैं। यह बयान पार्टी के भीतर गहराते मतभेदों का खुला संकेत माना गया।