Sabarinathan: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 ने इस बार सिर्फ सत्ता परिवर्तन ही नहीं किया, बल्कि कई ऐसी कहानियां भी सामने लाईं जो सीधे लोगों के दिलों को छू गईं। ऐसी ही एक कहानी है 30 वर्षीय आर. सबरीनाथन की, जिन्होंने चेन्नई की चर्चित विरुगमपक्कम सीट से जीत दर्ज कर राजनीति में अपनी अलग पहचान बना ली है।
सबरीनाथन कोई बड़े राजनीतिक परिवार से नहीं आते। वे अभिनेता से नेता बने विजय के लंबे समय तक ड्राइवर और सहयोगी रहे राजेंद्रन के बेटे हैं। राजेंद्रन, विजय के साथ उनकी पहली फिल्म नालैया थीरपु के समय से जुड़े रहे हैं। यही वजह है कि सबरीनाथन की उम्मीदवारी और फिर जीत, दोनों ने लोगों का खास ध्यान खींचा।
27,086 वोटों के अंतर से मिली बड़ी जीत
भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, सबरीनाथन ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के मौजूदा विधायक प्रभाकर राजा को 27,086 वोटों के अंतर से हराया। जीत के बाद उनकी पहली प्रतिक्रिया भी सुर्खियों में रही “मैं बहुत खुश हूं। DMK का अंत हो गया है।”
वायरल वीडियो से मिली लोकप्रियता
चुनाव प्रचार के दौरान सबरीनाथन उस वक्त और चर्चित हो गए थे, जब एक कार्यक्रम में भावुक होकर रोने का उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मंच पर विजय का उन्हें गले लगाना लोगों के दिलों को छू गया और यही भावनात्मक जुड़ाव उनकी राजनीतिक पहचान का हिस्सा बन गया।
Thats were Vijay won the people …
Sabrinathan, son of Thalapathy Vijay’s long time car driver, is now leading against the DMK candidate, this is unreal contest !!! #electionresult2026 pic.twitter.com/RIF0f5ItIJ— Aryan (@chinchat09) May 4, 2026
TVK ने साधारण लोगों पर जताया भरोसा
सिर्फ सबरीनाथन ही नहीं, बल्कि TVK ने इस चुनाव में कई ऐसे चेहरों को आगे बढ़ाया, जो आम पृष्ठभूमि से आते हैं। उदाहरण के तौर पर, पेशे से ऑटो-ड्राइवर रहे के. विजय धामू ने रोयापुरम सीट से जीत हासिल कर यह साबित कर दिया कि इस बार जनता ने ग्राउंड लेवल उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है।
TVK ने जीती 108 सीटें
तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) की यह जीत अपने आप में ऐतिहासिक है। पार्टी ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनने का गौरव हासिल किया। खास बात यह भी है कि 1967 के बाद पहली बार राज्य में DMK और AIADMK के अलावा किसी तीसरी पार्टी ने इतनी बड़ी जीत दर्ज की है।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को भी मिली हार
इस चुनाव में एक और बड़ा उलटफेर तब देखने को मिला जब DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन को उनके गढ़ कोलाथुर में हार का सामना करना पड़ा।
फरवरी 2024 में हुई थी TVK की स्थापना
TVK की स्थापना फरवरी 2024 में हुई थी और महज दो साल के भीतर इस मुकाम तक पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। अब पार्टी को सरकार बनाने के लिए सहयोगी दलों के समर्थन की जरूरत होगी, लेकिन इतना तय है कि इस जीत ने तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय खोल दिया है।