बंगाल की राजनीति में फिर तेज हुई बयानबाजी
Dilip Ghosh big statement on minority department and bengal politics: कोलकाता के सॉल्टलेक स्थित सेंट्रल पार्क में मीडिया से बात करते हुए बीजेपी नेता दिलीप घोष ने राज्य की राजनीति, संभावित विभागों और अल्पसंख्यक विकास विभाग को लेकर कई बड़े बयान दिए। मौके पर मौजूद संवाददाता एकबाल ने बताया कि बातचीत के दौरान दिलीप घोष ने कहा कि बंगाल में “सर्वांगीण विकास” की जरूरत है और हर विभाग महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “दলের शीर्ष नेतृत्व इस मामले में अंतिम फैसला लेता है। हम कार्यकर्ता हैं। हमें चुनाव लड़ने को कहा गया था। हमने लड़ा और जीते। आगे एक बड़ा मिशन है और सभी को उसे सफल बनाना होगा।”

अल्पसंख्यक विकास विभाग के भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर दिलीप घोष ने कहा, “संख्यालघुओं का काफी विकास हो चुका है। फिर क्या विकास होगा? हमारा लक्ष्य ‘सबका साथ, सबका विकास’ है। पिछले वर्षों में सिर्फ संख्यालघुओं का विकास हुआ। फिर भी वे गरीब, अशिक्षित और अपराधी हैं। बीजेपी की कोई जिम्मेदारी नहीं है संख्यालघुओं का विकास करने की। वे हमें वोट भी नहीं देते।”
अल्पसंख्यक विभाग और पुलिस व्यवस्था पर दिलीप घोष का बड़ा हमला
जब उनसे पूछा गया कि क्या विभाग को खत्म किया जाएगा, तो उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता। पार्टी फैसला लेगी। बहुत कुछ नया शुरू होगा और पुरानी कई चीजें बंद होंगी। आदिवासी और जनजातियों के बारे में अब तक किसी ने नहीं सोचा। वे पीछे हैं। बाकी लोगों के बारे में भी हम सोचेंगे।”
बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले के सवाल पर दिलीप घोष ने कहा, “पुरानी सरकार की पुरानी संस्कृति अभी भी चल रही है। पुलिस की नींद अभी पूरी तरह नहीं खुली है। शपथ के बाद इसमें बदलाव होगा। जो लोग यह सब कर रहे हैं, उन्हें परेशानी में पड़ना होगा।”
राज्यपाल द्वारा पूर्व कैबिनेट को लेकर जारी गजट नोटिफिकेशन पर उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “वह सोच रही थीं कि पद पर बनी रहेंगी। अब वह विधानसभा में बैठने की योग्यता भी खो चुकी हैं। फिलहाल कालीघाट में बैठकर झालमुड़ी खाने के अलावा उनके पास कोई काम नहीं है।”
अब राजनीतिक हलकों में दिलीप घोष के इन बयानों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल