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ToggleWest Bengal Bus Fare Hike Demand: पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों की यात्रा पर भी पड़ सकता है। पश्चिम बंगाल में सिटी सबार्बन बस सर्विस ने राज्य के परिवहन सचिव को पत्र लिखकर बस किराया बढ़ाने की मांग की है। बस मालिकों का कहना है कि लगातार बढ़ते खर्च के कारण पुराने किराये पर बस चलाना अब बेहद मुश्किल हो गया है।
आखिरी बार 2018 में बढ़ा था बस का किराया
संगठन के महासचिव टीटो साहा ने अपने पत्र में बताया कि आखिरी बार साल 2018 में बस किराया बढ़ाया गया था। उस समय डीजल की कीमत करीब 68 रुपये प्रति लीटर थी, लेकिन अब डीजल 92 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो चुका है। इसके बावजूद अब तक किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई।

आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं बस मालिक
उन्होंने कहा कि केवल ईंधन ही नहीं, बल्कि बसों के स्पेयर पार्ट्स, बीमा, कर्मचारियों की सैलरी और अन्य खर्च भी काफी बढ़ चुके हैं। ऐसे में कई बस मालिक आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर यही स्थिति जारी रही तो धीरे-धीरे सड़क से बसें गायब होने लगेंगी।
बस मालिकों का दावा है कि लाखों लोग रोजाना सस्ती बस सेवा पर निर्भर रहते हैं। वहीं हजारों बस मालिक और लाखों कर्मचारी भी इसी परिवहन व्यवस्था से अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। ऐसे में अगर बस सेवाएं प्रभावित होती हैं, तो इसका असर सीधे आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा।
पत्र में कई आरोप
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि पिछली सरकार के समय किराया बढ़ाने को लेकर दो समितियां बनाई गई थीं, लेकिन उनकी रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई। संगठन ने सरकार से जल्द फैसला लेने और सहानुभूतिपूर्वक बस किराया बढ़ाने की मांग की है।
अब लोगों की नजर सरकार पर टिकी है कि क्या आने वाले दिनों में बस किराये में बढ़ोतरी होगी या आम जनता को राहत देने के लिए कोई दूसरा रास्ता निकाला जाएगा।