Anand Mohan: आनंद मोहन सिंह के एक वायरल वीडियो ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। कभी नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले आनंद मोहन ने इस बार सीधे जनता दल यूनाइटेड (JDU) के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में उनका गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है और उनके आरोपों ने सत्ता के भीतर चल रही नाराजगी की चर्चा को और तेज कर दिया है।
चुनाव में टिकट और मंत्री पद के लिए करोड़ों रुपये का खेला!
शिवहर-सीतामढ़ी इलाके का बताया जा रहा यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आनंद मोहन दावा करते दिख रहे हैं कि बिहार में विधानसभा चुनाव के दौरान करोड़ों रुपये लेकर टिकट बांटे गए और बाद में मंत्री पद देने में भी पैसों का खेल हुआ। उन्होंने पार्टी के कुछ नेताओं को “चंडाल चौकड़ी” तक कह दिया, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
आनंद मोहन का फूटा गुस्सा , कहा बाप बेटे दोनों को डॉक्टर की जरूरत है इसीलिए स्वास्थ्य मंत्रालय दिया गया । #anandmohan #JDU #Nishant #Nitishkumar @Jduonline @RJDforIndia pic.twitter.com/UnCY1tLoTw
— Journalist Nished Thakur (@nishedthakur123) May 19, 2026
पिता-पुत्र दोनों को डॉक्टर की जरूरत- आनंद मोहन
वीडियो में आनंद मोहन बेहद तीखे अंदाज में कहते नजर आते हैं कि निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्रालय इसलिए दिया गया क्योंकि पिता-पुत्र दोनों को डॉक्टर की जरूरत है। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। हालांकि अभी तक JDU की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नीतीश कुमार के खिलाफ साजिश
आनंद मोहन ने अपने बयान में यह भी कहा कि यह सिर्फ नीतीश कुमार को कमजोर करने की कोशिश नहीं है, बल्कि पिछड़ों के राज को खत्म करने की साजिश है। उन्होंने दावा किया कि पहले भी कई बार नीतीश कुमार के खिलाफ साजिशें हुईं, लेकिन वे कभी झुके नहीं। हालांकि इस बार हालात अलग हैं और पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
क्या इस वजह से नाराज हैं आनंद मोहन?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस नाराजगी की एक बड़ी वजह आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलना भी हो सकता है। चेतन आनंद विधायक हैं, जबकि उनकी पत्नी शिवहर से जदयू सांसद हैं। ऐसे में परिवार को उम्मीद थी कि सरकार में उन्हें बड़ी भूमिका मिलेगी। आनंद मोहन ने खुद भी कहा कि सरकार बचाने में उनके परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही, लेकिन अब उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।