रोज की जिंदगी फिर हुई महंगी
Petrol Diesel Price Hike India: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक बार फिर बढ़ गई हैं। तेल कंपनियों ने करीब 90 पैसे प्रति लीटर दाम बढ़ा दिए हैं। सुनने में यह रकम छोटी लगती है, लेकिन जो लोग रोज गाड़ी चलाते हैं, ऑटो-टैक्सी चलाते हैं या ट्रांसपोर्ट से जुड़े हैं, उनके लिए यह सीधा खर्च बढ़ाने वाली खबर है। कुछ दिन पहले भी कीमतें बढ़ी थीं और अब फिर से बढ़ोतरी हो गई है, जिससे लोगों को लग रहा है कि ईंधन की कीमतें अब स्थिर नहीं रह रही हैं।
बाहर का झटका, अंदर महंगाई का असर
इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह सिर्फ देश के अंदर की बात नहीं है। असली खेल बाहर चल रहा है। दुनिया के बाजार में कच्चे तेल के दाम ऊपर-नीचे हो रहे हैं। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है, तो उसका असर भारत में भी आता है क्योंकि भारत अपना ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है। यानी अगर बाहर दाम बढ़े, तो यहां भी बढ़ना तय है।
मिडिल ईस्ट का तनाव बढ़ा रहा दाम
मिडिल ईस्ट यानी पश्चिम एशिया के देशों में तनाव चल रहा है। वहां हालात ठीक नहीं हैं, और इसका असर तेल की सप्लाई पर पड़ रहा है। जब सप्लाई पर खतरा होता है, तो दुनिया भर में कच्चा तेल महंगा होने लगता है। यही वजह है कि भारत में भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं।
राजनीति भी गरमा गई
जैसे ही पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ, राजनीति भी शुरू हो गई। कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आम आदमी पर लगातार महंगाई का बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने सरकार पर तंज भी कसा और कहा कि चुनाव के दौरान कीमतें शांत रहती हैं, लेकिन बाद में बढ़ने लगती हैं। सरकार की तरफ से कहा गया है कि यह सब अंतरराष्ट्रीय बाजार की वजह से हो रहा है और इसमें देश के अंदर कुछ खास नहीं बदल रहा।

हर शहर में अलग दाम, लोग हैरान
देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग हैं। दिल्ली में पेट्रोल करीब 98 रुपये के आसपास और डीजल 91 रुपये से ज्यादा है। मुंबई में पेट्रोल 107 रुपये से ऊपर चला गया है, कोलकाता में यह 109 रुपये के करीब है और चेन्नई में भी 104 रुपये से ऊपर कीमत पहुंच गई है। लोगों को सबसे ज्यादा हैरानी इस बात की होती है कि एक ही देश में अलग-अलग दाम क्यों हैं।
टैक्स का खेल, समझना जरूरी है
दरअसल, हर राज्य सरकार अपने हिसाब से टैक्स लगाती है। इसी वजह से एक ही पेट्रोल की कीमत हर राज्य में अलग हो जाती है। केंद्र सरकार का बेस प्राइस होता है, उसके ऊपर राज्य अपना टैक्स जोड़ देते हैं। इसलिए कभी कहीं पेट्रोल सस्ता लगता है और कहीं महंगा।
सरकार का कहना क्या है?
सरकार साफ कह रही है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। तेल का स्टॉक पूरा है और सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं है। सरकार का कहना है कि दाम इसलिए बढ़ रहे हैं क्योंकि दुनिया के बाजार में कच्चा तेल महंगा हो रहा है। यानी समस्या देश के अंदर नहीं, बाहर है।
आम आदमी पर सीधा असर
पेट्रोल-डीजल सिर्फ गाड़ियों का खर्च नहीं है। इसका असर हर चीज पर पड़ता है। जब डीजल महंगा होता है, तो ट्रक से माल ढोना महंगा हो जाता है। फिर सब्जी, दूध, राशन, फल- सब चीजों के दाम धीरे-धीरे बढ़ने लगते हैं। यही वजह है कि लोग कहते हैं कि पेट्रोल-डीजल बढ़ा मतलब महंगाई बढ़ी।
घर का बजट बिगड़ने का डर
मध्यम वर्ग और आम परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी परेशान करने वाली होती है। पहले से ही किराया, स्कूल फीस, बिजली बिल और रोजमर्रा के खर्च बढ़े हुए हैं। ऐसे में पेट्रोल-डीजल का महंगा होना सीधे घर के बजट को हिला देता है। लोग सोचने लगते हैं कि अब महीने का खर्च कैसे संभालें।
दुनिया के हालात भी जिम्मेदार
रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से दुनिया का तेल बाजार अस्थिर हो गया है। जब दुनिया में तनाव बढ़ता है, तो तेल की कीमतें भी बढ़ती हैं। और उसका असर भारत जैसे देशों में साफ दिखता है।
आगे क्या हो सकता है?
अगर दुनिया के हालात सुधरते हैं तो पेट्रोल-डीजल के दाम थोड़ा स्थिर हो सकते हैं। लेकिन अगर तनाव ऐसे ही बना रहा, तो कीमतें और बढ़ सकती हैं। इसका मतलब है कि आने वाले समय में महंगाई पर दबाव बना रह सकता है।
सीधी और साफ बात
Petrol Diesel Price Hike India: अगर आसान भाषा में समझें तो बात इतनी है कि बाहर दुनिया में तेल महंगा हो रहा है, इसलिए भारत में भी पेट्रोल-डीजल महंगा हो रहा है। और इसका सबसे पहला असर आम आदमी की जेब और उसके रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ रहा है।