Asia Billionaires List: टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइटडांस के को-फाउंडर झांग यिमिंग ने संपत्ति के मामले में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स की ताजा रैंकिंग के अनुसार, झांग यिमिंग अब एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। उनकी कुल संपत्ति बढ़कर 93 बिलियन डॉलर (करीब 8.9 लाख करोड़ रुपये) पहुंच गई है। इसके साथ ही उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ दिया है। अंबानी की मौजूदा संपत्ति 86 बिलियन डॉलर (करीब 8.31 लाख करोड़ रुपये) आंकी गई है। हालांकि एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान अभी भी गौतम अडाणी के पास बरकरार है।
कंपनी का एआई चैटबॉट ‘डौबाओ’ चीन में हुआ लोकप्रिय
झांग यिमिंग की संपत्ति में आई इस तेज बढ़ोतरी के पीछे बाइटडांस का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कारोबार प्रमुख वजह माना जा रहा है। कंपनी का एआई चैटबॉट ‘डौबाओ’ चीन में तेजी से लोकप्रिय हुआ है। यह प्लेटफॉर्म क्षमताओं के मामले में ओपनएआई के चैटजीपीटी और गूगल के जेमिनाई जैसे एआई टूल्स को टक्कर देता है। रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले चीन में डौबाओ के 30 करोड़ से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं। इसकी बढ़ती लोकप्रियता ने बाइटडांस की बाजार वैल्यू में जबरदस्त उछाल ला दिया है।
हाल के महीनों में करीब 2.30 लाख करोड़ रुपये का इजाफा
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में टिकटॉक से जुड़े नियामकीय संकट के कम होने और संभावित कारोबारी अनिश्चितताओं में राहत मिलने से भी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। ब्लैकरॉक और फिडेलिटी जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों के मूल्यांकन के बाद बाइटडांस की वैल्यू में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसका सीधा फायदा कंपनी के सबसे बड़े हिस्सेदारों में शामिल झांग यिमिंग को मिला है। बताया जा रहा है कि उनकी निजी संपत्ति में हाल के महीनों में करीब 2.30 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।
AI पर 6.7 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी कंपनी
बाइटडांस आने वाले समय में एआई सेक्टर पर और बड़ा दांव लगाने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी इस वर्ष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी परियोजनाओं और तकनीकों पर लगभग 6.7 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कंपनी का एआई कारोबार इसी गति से आगे बढ़ता रहा, तो झांग यिमिंग की संपत्ति में और इजाफा हो सकता है। फिलहाल एशिया के अरबपतियों की सूची में झांग का तेजी से ऊपर पहुंचना तकनीक और एआई सेक्टर की बढ़ती ताकत को भी दर्शाता है।