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अब अखबार में समोसा-वड़ा पाव बेचना पड़ सकता है भारी! FSSAI ने जारी की चेतावनी

अब अखबार में समोसा-वड़ा पाव बेचना पड़ सकता है भारी! FSSAI ने जारी की चेतावनी
अब अखबार में समोसा-वड़ा पाव बेचना पड़ सकता है भारी! FSSAI ने जारी की चेतावनी (pic Credit- X @Abhirajputfit)

समोसा, वड़ा पाव या पकौड़ी अखबार में लपेटकर बेचने की पुरानी आदत अब दुकानदारों पर भारी पड़ सकती है। FSSAI ने अखबार में खाना परोसने और पैक करने को स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसका असर देशभर के स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और छोटे कारोबारियों पर पड़ सकता है।

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Newspaper Wrapping Food Ban: अगर आप सड़क किनारे समोसा, पकौड़ी, वड़ा पाव या अन्य स्ट्रीट फूड बेचते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अक्सर देखा जाता है कि दुकानदार गर्मागर्म समोसा या वड़ा पाव अखबार में लपेटकर ग्राहकों को दे देते हैं। लेकिन अब ऐसा करना दुकानदारों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अखबार में खाना परोसने, पैक करने और लपेटने के खिलाफ सख्त निर्देश जारी किए हैं।

हाल ही में मुंबई में एक चर्चित वड़ा पाव दुकान द्वारा अखबार में खाद्य पदार्थ परोसने का मामला सामने आया था। इसके बाद FSSAI के पश्चिमी क्षेत्रीय कार्यालय और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। इसके बाद खाद्य सुरक्षा नियमों को लेकर फिर से सख्ती बढ़ा दी गई है।

अखबार में खाना खतरनाक

FSSAI का कहना है कि अखबार खाने के सीधे संपर्क के लिए बिल्कुल सुरक्षित नहीं होता। दरअसल, अखबारों की छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही में कई प्रकार के रसायन, रंग, पिगमेंट और भारी धातुएं जैसे सीसा (Lead) मौजूद हो सकते हैं। जब गर्म भोजन अखबार के संपर्क में आता है तो ये हानिकारक तत्व खाने में मिल सकते हैं। लंबे समय तक ऐसे भोजन का सेवन करने से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

इतना ही नहीं, अखबार छपाई के बाद वितरण और उपयोग के दौरान कई लोगों के हाथों से गुजरता है। इस दौरान उस पर धूल, मिट्टी, बैक्टीरिया और अन्य प्रकार के प्रदूषक जमा हो सकते हैं। ऐसे में अखबार में लिपटा भोजन खाने से फूड पॉइजनिंग और अन्य फूड-बोर्न बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

अखबार के इस्तेमाल पर FSSAI सख्त

इस निर्देश का असर केवल वड़ा पाव या समोसा बेचने वालों पर ही नहीं पड़ेगा। छोटे रेस्तरां, स्ट्रीट फूड विक्रेता, मिठाई की दुकानें, बेकरी, कैटरिंग सेवाएं और क्लाउड किचन भी इसके दायरे में आएंगे। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि अखबार का इस्तेमाल न केवल खाना लपेटने, बल्कि अतिरिक्त तेल सोखने, खाद्य सामग्री ढंकने या स्टोर करने के लिए भी नहीं किया जा सकता।

हालांकि यह कोई नया नियम नहीं है। FSSAI ने वर्ष 2016 में भी अखबार में खाद्य सामग्री परोसने के खिलाफ एडवाइजरी जारी की थी। बावजूद इसके, कई जगहों पर यह प्रथा जारी रही। अब एक बार फिर खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है।

FSSAI ने ग्राहकों से भी अपील की है कि यदि कोई दुकानदार अखबार में खाना दे रहा हो तो उससे फूड-ग्रेड पैकेजिंग का उपयोग करने को कहें। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित पैकेजिंग सिर्फ नियमों का पालन नहीं, बल्कि लोगों की सेहत की सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी है।

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Dipali Kumari

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