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बड़ी खबर: प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का निधन, DGCA ने की पुष्टि

बड़ी खबर: प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का निधन, DGCA ने की पुष्टि
महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का विमान क्रैश (Pic Credit- X @SumitHansd)

बारामती में हुए विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार का निधन हो गया। डीजीसीए के अनुसार, मुंबई से आ रही चार्टर्ड फ्लाइट क्रैश-लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुई। इस हादसे से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा शून्य पैदा हो गया है।

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Dipali Kumari
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Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बुधवार की सुबह बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाली साबित हुई। राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेता अजित पवार का एक भीषण विमान हादसे में निधन हो गया। यह हादसा उस समय हुआ, जब मुंबई से बारामती जा रही उनकी चार्टर्ड फ्लाइट रनवे के पास क्रैश-लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गई। डीजीसीए के अनुसार, विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

यह खबर सामने आते ही न सिर्फ महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। एक ऐसे नेता का अचानक यूं चले जाना, जिसने चार दशकों तक राजनीति को नजदीक से देखा, जिया और दिशा दी, राज्य के लिए एक बड़ा आघात है।

लैंडिंग के समय हुआ दर्दनाक हादसा

डीजीसीए की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह चार्टर्ड फ्लाइट सुबह करीब 8:45 बजे बारामती के रनवे के पास उतरने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह रनवे से कुछ दूरी पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद विमान में आग लग गई, जिससे किसी को भी बचने का मौका नहीं मिला।

विमान में कौन-कौन थे सवार

इस विमान में अजित पवार के साथ उनके एक निजी सुरक्षा अधिकारी, एक अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर मौजूद थे। सभी की इस हादसे में जान चली गई। प्रशासन ने हादसे के बाद क्षेत्र को तुरंत सील कर दिया और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।

शुरुआत में राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन डीजीसीए की आधिकारिक पुष्टि के बाद यह साफ हो गया कि इस हादसे में कोई भी जीवित नहीं बचा। इसके बाद सरकार और पार्टी की ओर से शोक संदेशों का सिलसिला शुरू हो गया।

जनसभा के लिए जा रहे थे बारामती

अजित पवार बारामती जिला परिषद चुनाव के सिलसिले में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करने जा रहे थे। बारामती न सिर्फ उनका निर्वाचन क्षेत्र रहा, बल्कि उनकी राजनीतिक पहचान का केंद्र भी था।

एक दिन पहले मुंबई में अहम बैठक

हादसे से एक दिन पहले अजित पवार मुंबई में महाराष्ट्र कैबिनेट की इन्फ्रास्ट्रक्चर कमिटी की बैठक में शामिल हुए थे। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की थी, जिसमें कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह बैठक उनके सार्वजनिक जीवन की आखिरी बैठक साबित होगी।

अजित पवार का राजनीतिक सफर

अजित पवार पिछले करीब 40 वर्षों से महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय थे। वे राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले उपमुख्यमंत्रियों में गिने जाते थे और उन्होंने अलग-अलग सरकारों में छह बार यह पद संभाला।

उन्होंने सात बार बारामती विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। यह क्षेत्र उनकी राजनीतिक प्रयोगशाला की तरह था, जहां से उन्होंने राज्यस्तरीय राजनीति को प्रभावित किया।

अजित पवार अपने बेबाक फैसलों, स्पष्ट वक्तव्यों और कई बार विवादास्पद राजनीतिक कदमों के लिए जाने जाते थे। नवंबर 2019 में लिया गया उनका फैसला और 2024 में चुनाव आयोग का निर्णय, उनके राजनीतिक जीवन के अहम मोड़ रहे।

राज्य और देश में शोक की लहर

सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों ही दलों के नेताओं ने अजित पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। कई नेताओं ने इसे महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

बारामती और आसपास के इलाकों में लोगों की आंखें नम हैं। आम लोग एक ऐसे नेता को याद कर रहे हैं, जो सीधे संवाद और जमीनी राजनीति के लिए जाना जाता था।

हादसे के कारणों की गहन जांच

डीजीसीए और अन्य एजेंसियां इस हादसे के तकनीकी और मानवीय कारणों की जांच कर रही हैं। ब्लैक बॉक्स और मलबे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि आखिर यह दुर्घटना क्यों हुई।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।