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भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन? चुनाव प्रक्रिया शुरू, ऐसे होगा फैसला

भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन?
भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन?

भाजपा ने संगठन पर्व-2024 के तहत नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इलेक्टोरल कॉलेज की सूची जारी हो चुकी है, 19 जनवरी को नामांकन होगा। जरूरत पड़ने पर 20 जनवरी को मतदान होगा। यह चुनाव पार्टी के भविष्य की रणनीति तय करेगा।

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BJP National President Election: भारतीय जनता पार्टी ने अपने अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक शुरुआत कर दी है। यह प्रक्रिया केवल एक संगठनात्मक औपचारिकता नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की राजनीति की दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव मानी जा रही है। पार्टी इस चुनाव को अपने देशव्यापी संगठनात्मक अभियान ‘संगठन पर्व-2024’ के तहत आयोजित कर रही है, जिसका उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करना और नेतृत्व में स्पष्टता लाना है।

शुक्रवार को भाजपा के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव का कार्यक्रम अधिसूचित किया। इसके साथ ही पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है। कार्यकर्ताओं से लेकर वरिष्ठ नेताओं तक, सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा और पार्टी को किस दिशा में आगे ले जाएगा।

तय संविधान, तय प्रक्रिया से होगा अध्यक्ष का चुनाव

भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी संविधान के तहत एक निश्चित और पारदर्शी प्रक्रिया से होता है। इसमें इलेक्टोरल कॉलेज का गठन, नामांकन, नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी और आवश्यकता पड़ने पर मतदान शामिल है। यह पूरी प्रक्रिया न सिर्फ लोकतांत्रिक ढांचे को दर्शाती है, बल्कि संगठन में अनुशासन और संतुलन भी बनाए रखती है।

इस बार भी पार्टी ने उसी निर्धारित ढांचे के तहत चुनाव कार्यक्रम जारी किया है, ताकि किसी तरह की असमंजस या विवाद की स्थिति न बने।

लेक्टोरल कॉलेज से हुई प्रक्रिया की शुरुआत

राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया की शुरुआत 16 जनवरी 2026 को हुई। दोपहर 12 बजे इलेक्टोरल कॉलेज की सूची सार्वजनिक की गई। भाजपा के संविधान के अनुसार, इलेक्टोरल कॉलेज में पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य और विभिन्न राज्यों की परिषदों से चुने गए प्रतिनिधि शामिल होते हैं।

यही सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में मतदान के पात्र होते हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व व्यापक संगठनात्मक प्रतिनिधित्व के आधार पर चुना जाए।

19 जनवरी को होगा नामांकन

चुनाव प्रक्रिया का अगला और सबसे अहम चरण नामांकन का है। 19 जनवरी 2026 को दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक नई दिल्ली स्थित भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में नामांकन दाखिल किए जाएंगे।

पार्टी नियमों के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के लिए कम से कम चार कार्यकाल या 15 वर्षों तक सक्रिय सदस्य रहना अनिवार्य है। इसके अलावा, किसी एक राज्य के इलेक्टोरल कॉलेज के कम से कम 20 सदस्यों का प्रस्ताव जरूरी होता है। यह समर्थन कम से कम पांच ऐसे राज्यों से होना चाहिए, जहां नेशनल काउंसिल के चुनाव पूरे हो चुके हों।

यह शर्तें यह दर्शाती हैं कि पार्टी नेतृत्व अनुभव, संगठनात्मक पकड़ और व्यापक स्वीकार्यता को कितनी अहमियत देती है।

नामांकन की जांच और नाम वापसी

नामांकन की समय-सीमा समाप्त होते ही उसी दिन शाम 4 बजे से 5 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। इसके बाद शाम 5 बजे से 6 बजे तक उम्मीदवारों को नाम वापस लेने का अवसर मिलेगा।

शाम 6:30 बजे राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाएगी। इसमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि चुनाव सर्वसम्मति से हो रहा है या फिर मतदान की जरूरत पड़ेगी। भाजपा की परंपरा रही है कि अधिकतर मामलों में सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना जाता है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर मतदान भी कराया जाता है।

जरूरत पड़ी तो 20 जनवरी को मतदान

यदि नाम वापसी के बाद एक से अधिक वैध उम्मीदवार मैदान में रहते हैं, तो 20 जनवरी 2026 को मतदान कराया जाएगा। मतदान सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होगा और उसी दिन नतीजों की घोषणा भी कर दी जाएगी।

हालांकि, अगर नाम वापसी के बाद सिर्फ एक ही उम्मीदवार बचता है, तो उसे निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया जाएगा। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया बिना मतदान के ही पूरी हो जाएगी।

नितिन नबीन को लेकर चर्चाएं तेज

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा तेज है। बताया जा रहा है कि वे तीन अलग-अलग सेट में नामांकन दाखिल कर सकते हैं।

एक नामांकन पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा प्रस्तावक हो सकते हैं। दूसरे सेट में 20 से अधिक निर्वाचित प्रदेश अध्यक्षों के नाम शामिल होने की संभावना है। वहीं तीसरे सेट में भाजपा नेशनल काउंसिल के सदस्यों का समर्थन बताया जा रहा है।

यदि ऐसा होता है, तो यह स्पष्ट संकेत होगा कि पार्टी नेतृत्व उनके नाम पर व्यापक सहमति बना चुका है।

अध्यक्ष बनने के बाद होगा औपचारिक पदभार ग्रहण

यदि नितिन नबीन या कोई अन्य नेता पूर्णकालिक भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाता है, तो पार्टी मुख्यालय में औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्हें दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यालय तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में ले जाया जाएगा।

इसके साथ ही भाजपा में राष्ट्रीय नेतृत्व का औपचारिक हस्तांतरण पूरा होगा। संगठन पर्व-2024 का भी इसी के साथ समापन माना जाएगा और पार्टी अगले संगठनात्मक व चुनावी चरण में प्रवेश करेगी।

भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव केवल एक पद की नियुक्ति नहीं, बल्कि आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों की रणनीति तय करने वाला फैसला माना जा रहा है। ऐसे में पूरे देश की राजनीति की नजर इस चुनाव प्रक्रिया पर टिकी हुई है।

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Dipali Kumari

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