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Delhi Blast: दिल्ली विस्फोट में ईकोस्पोर्ट कार का नया रहस्य, जांच एजेंसियों को मिला बड़ा सुराग

Delhi Blast: दिल्ली विस्फोट में ईकोस्पोर्ट कार का नया रहस्य, जांच एजेंसियों को मिला बड़ा सुराग
Delhi Blast: दिल्ली विस्फोट में ईकोस्पोर्ट कार का नया रहस्य, जांच एजेंसियों को मिला बड़ा सुराग (File Photo)

दिल्ली धमाके की जांच में पुलिस को ईकोस्पोर्ट कार का नया सुराग मिला है। संदिग्धों के पास यह दूसरी कार थी, जिसका नंबर DL10CK0458 है। दिल्ली पुलिस ने पांच टीमें बनाईं और सीमावर्ती राज्यों को अलर्ट पर रखा है। जांच एजेंसियां अब आतंकी साजिश की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

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Asfi Shadab
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Delhi Blast: दिल्ली धमाके की जांच में ईकोस्पोर्ट कड़ी, पुलिस के हाथ लगे अहम सुराग

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए हालिया धमाके की जांच लगातार तेज़ी से आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसियां अब इस मामले की हर परत को खंगाल रही हैं। इसी क्रम में पुलिस को एक बड़ी जानकारी हाथ लगी है—जिसने इस केस की दिशा बदल दी है। अब जांच में यह खुलासा हुआ है कि संदिग्धों के पास केवल एक नहीं, बल्कि दो गाड़ियां थीं, जिनमें से एक ईकोस्पोर्ट कार ने पुलिस को नई कड़ी तक पहुंचा दिया है।

संदिग्धों के पास थी दूसरी लाल ईकोस्पोर्ट कार

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान यह जानकारी मिली कि संदिग्धों के पास पहले से बताई गई हुंडई i20 कार के अलावा एक और गाड़ी थी। यह कार एक लाल रंग की ईकोस्पोर्ट थी, जिसका नंबर DL10CK0458 बताया जा रहा है। इस वाहन का रजिस्ट्रेशन उमर उन नबी नामक व्यक्ति के नाम पर है, जो इस मामले का एक प्रमुख संदिग्ध बताया जा रहा है।

कार की जानकारी सामने आने के साथ ही दिल्ली पुलिस ने सभी थानों और चौकियों को अलर्ट पर डाल दिया है। राजधानी के प्रमुख प्रवेश द्वारों, सीमावर्ती इलाकों और संवेदनशील स्थलों पर सघन जांच की जा रही है।

दिल्ली पुलिस ने बनाई पांच विशेष टीमें

पुलिस आयुक्त के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने इस कार की खोजबीन के लिए पांच विशेष टीमें गठित की हैं। इन टीमों को स्पष्ट आदेश दिया गया है कि कार और उससे जुड़े सभी सुरागों को प्राथमिकता के आधार पर खोजा जाए। इसके साथ ही हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि कार के सीमापार जाने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

पीटीआई के अनुसार, पुलिस अब तक के तकनीकी इनपुट्स, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन डेटा के आधार पर संदिग्धों की मूवमेंट ट्रेस कर रही है।

जांच एजेंसियों को मिल रहे हैं नए सुराग

जांच एजेंसियों को अब तक कई अहम सुराग मिले हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ईकोस्पोर्ट कार धमाके से ठीक पहले दिल्ली की सीमाओं के भीतर देखी गई थी। यह कार कुछ ही मिनटों के लिए कई जगहों पर रुकी और फिर गायब हो गई। माना जा रहा है कि यह कार धमाके की योजना या परिवहन व्यवस्था में इस्तेमाल की गई हो सकती है।

इसके अलावा, कार के पंजीकरण दस्तावेज़ों से यह भी पता चला है कि हाल ही में इसका बीमा नवीनीकृत हुआ था और इसमें जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगाया गया था। पुलिस अब इस डिवाइस की लोकेशन हिस्ट्री की जांच कर रही है।

सुरक्षा एजेंसियों ने बढ़ाई चौकसी

Delhi Blast: इस खुलासे के बाद राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। दिल्ली की सीमाओं पर बैरिकेडिंग की गई है, और सभी वाहनों की गहन जांच की जा रही है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी, मेट्रो स्टेशनों और प्रमुख बाज़ारों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी इस मामले में दिल्ली पुलिस की सहायता शुरू कर दी है। जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि “ईकोस्पोर्ट कार इस मामले की अहम कड़ी बन सकती है। अगर यह वाहन मिल जाता है, तो कई रहस्यों से पर्दा उठेगा।”

आतंकी साजिश की दिशा में जांच

पुलिस इस पूरे प्रकरण को आतंकी साजिश से जोड़कर देख रही है। अभी तक की जांच में यह संकेत मिले हैं कि संदिग्धों के तार किसी अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब अंतरराज्यीय खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर जांच आगे बढ़ा रही है।

इस बीच, दिल्ली के गृह विभाग ने राजधानी में सभी सुरक्षा प्रतिष्ठानों को चौकसी बढ़ाने और रात में विशेष पेट्रोलिंग बढ़ाने के आदेश जारी किए हैं।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।