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Rahul Gandhi: हरियाणा विधानसभा चुनाव में मतदाता सूची को लेकर विवाद, कांग्रेस और चुनाव आयोग आमने-सामने

Rahul Gandhi Haryana Voter List
Rahul Gandhi Haryana Voter List: हरियाणा विधानसभा चुनाव में मतदाता सूची पर आरोप और जवाब

राहुल गांधी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में मतदाता सूची में हेराफेरी का आरोप लगाया। कांग्रेस ने इसे H-Files नाम दिया। चुनाव आयोग ने आरोपों को निराधार कहा और बताया कि कोई औपचारिक आपत्ति दर्ज नहीं हुई। यह मुद्दा राजनीतिक और कानूनी बहस में बदल गया।

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कांग्रेस के आरोप

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर एक प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही। उनका कहना रहा कि मतदाता सूची में बड़ी संख्या में गलत प्रविष्टियां शामिल की गईं। कांग्रेस ने इस खुलासे को H-Files नाम दिया। राहुल गांधी का कहना है कि भाजपा के पक्ष में लाभ पहुंचाने के लिए मतों का गलत इस्तेमाल किया गया।

कांग्रेस का आरोप है कि हरियाणा में मतदाता सूची में कई स्तरों पर त्रुटि दिखाई देती है। कांग्रेस का दावा है कि नकली मतदाताओं, अवैध नामों और थोक मतदाताओं के जरिए कुल मिलाकर लाखों वोट गलत तरीके से जोड़े गए। राहुल गांधी के अनुसार इस प्रक्रिया के जरिए लगभग 25 लाख मतों पर प्रभाव पड़ा।

चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया

चुनाव आयोग ने कांग्रेस के आरोपों को आधारहीन कहा। आयोग ने बताया कि मतदाता सूची के खिलाफ कोई औपचारिक अपील दायर नहीं की गई। आयोग के एक वरिष्ठ सूत्र के अनुसार यदि किसी राजनीतिक दल को मतदाता सूची में त्रुटि दिखती तो उन्हें संशोधन प्रक्रिया के दौरान आपत्ति दर्ज करनी चाहिए थी।

चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों को बूथ स्तर पर बीएलए नियुक्त करने का अधिकार होता है। बीएलए का कार्य मतदाता सूची की जाँच करना और किसी भी अनियमित प्रविष्टि को चिह्नित करना है। आयोग का कहना है कि जब संशोधन की प्रक्रिया चल रही थी तब कांग्रेस की ओर से ऐसी आपत्ति सामने नहीं आई।

राहुल गांधी के आरोपों का विवरण

राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता में कहा कि हरियाणा में 5.21 लाख नकली मतदाताओं के नाम दर्ज हुए। इसके अलावा 93,174 अवैध मतदाताओं के नाम दर्ज हुए और 19.26 लाख मतदाता ऐसी श्रेणी में आए जिन्हें कांग्रेस ने थोक मतदाता कहा। उनके अनुसार यह पूरी प्रक्रिया चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई।

कांग्रेस का कहना है कि यह केवल तकनीकी त्रुटि नहीं है बल्कि सुनियोजित कार्रवाई है। उनका कहना है कि कांग्रेस इस विषय को आगे भी उठाएगी और कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर इस मुद्दे को जारी रखेगी।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस विवाद ने हरियाणा की राजनीति में नया तनाव पैदा किया है। कांग्रेस मामले को जनता के बीच बड़ा मुद्दा बना रही है। वहीं भाजपा की ओर से कहा गया कि कांग्रेस चुनाव में हार के कारण गलत संदेश दे रही है। भाजपा के अनुसार कांग्रेस के पास अपने आरोपों का कोई ठोस प्रमाण नहीं है।

हरियाणा की राजनीति में वोटर लिस्ट का विवाद नया नहीं है। पहले भी कई बार मतदाता सूची में नाम हटने, जुड़ने या गलत प्रविष्टियों को लेकर आरोप लगते रहे हैं। यह विषय अब फिर से चर्चा में है। जनता इस विषय को गंभीरता से देख रही है क्योंकि मतदाता सूची लोकतांत्रिक अधिकार का आधार मानी जाती है।

आगे क्या

कांग्रेस की ओर से संकेत मिला है कि वह इस विषय को संसद और न्यायालय दोनों स्थानों पर उठाएगी। चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार हुईं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी राजनीतिक दल चाहे तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपनी आपत्ति रख सकता है।

यह मुद्दा आने वाले समय में भी चर्चा में रहेगा। हरियाणा में आगामी चुनावों के दृष्टिकोण से यह विषय और भी प्रभाव डाल सकता है। कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर समर्थन हासिल करना चाह रही है। भाजपा इसे राजनीतिक बयानबाजी बता रही है।

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Asfi Shadab

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