हिंगोली | रेत माफियाओं को संरक्षण देने के पीछे आर्थिक सांठगांठ और राजनीतिक दबाव की क्षेत्र में जोरदार चर्चा
Asmita Jadhav Death Case Hingoli: नदी में सहेलियों के साथ कपड़े धोने गई एक 16 वर्षीय मेधावी छात्रा की अवैध रेत उत्खनन के कारण बने गहरे गड्ढे में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना करीब शाम 6 बजे घटी। मृत छात्रा का नाम अस्मिता गजाननराव जाधव (16 वर्ष), निवासी सोना, तहसील बसमत है। उल्लेखनीय है कि अस्मिता ने इसी वर्ष 10वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शानदार सफलता हासिल की थी। उसकी असामयिक मौत से पूरे सोना गांव में शोक की लहर फैल गई है। वहीं अवैध रेत उत्खनन करने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई होगी या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अस्मिता बुधवार को गांव के पास बहने वाली पूर्णा नदी में अपनी कुछ सहेलियों के साथ कपड़े धोने गई थी। कपड़े धोने के दौरान नदी में अवैध रेत उत्खनन के लिए खोदे गए एक विशाल और गहरे गड्ढे का अंदाजा न लग पाने के कारण उसका पैर फिसल गया और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरी। पानी अत्यधिक गहरा होने के कारण वह डूबने लगी। सहेलियों के शोर मचाने पर आसपास मौजूद ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला।
परिजन और ग्रामीण अस्मिता को तुरंत उपचार के लिए हट्टा स्थित शासकीय अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि वहां तैनात मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शमशूद्दीन सिद्दीकी ने जांच के बाद उसे उपचार से पहले ही मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। घटना का पंचनामा पुलिस जमादार ताम्रध्वज कासले, किशोर कवठेकर और आडे ने किया।
अस्मिता ने हाल ही में 10वीं की परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त की थी। परिवार उसके उज्ज्वल भविष्य के सपने देख रहा था, लेकिन इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार, पूर्णा नदी में पिछले कई दिनों से बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है। रेत माफिया नियमों को दरकिनार कर नदी में 15 से 20 फीट तक गहरे गड्ढे छोड़ रहे हैं, जो लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। इस संबंध में स्थानीय प्रशासन को पहले भी कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन संबंधित विभागों के अधिकारियों ने इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई।