राजस्व सेवाएं अब शिविरों में मिलेंगी
नागपुर, 7 मार्च। राज्य के जरूरतमंद नागरिकों को राजस्व विभाग की सेवाएं आसानी से और समय पर मिल सकें, इसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने “छत्रपति शिवाजी महाराज राजस्व अभियान” की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत तालुका स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि नागरिकों को बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने बताया कि इस अभियान के जरिए राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी यह साबित करेंगे कि वे वास्तव में जनता के सेवक हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य लक्ष्य किसानों, मजदूरों, छात्रों और महिलाओं को राजस्व विभाग से जुड़ी लगभग 15 महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही स्थान पर, एक ही दिन में उपलब्ध कराना है। प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर पर समितियों का भी गठन किया गया है।

तीन महीनों तक पूरे राज्य में लगाए जाएंगे शिविर
शिविरों का कार्यक्रम इस प्रकार है: यह अभियान राज्य के सभी राजस्व मंडलों, नगरपालिकाओं और नगर पंचायत क्षेत्रों में तीन महीने तक चरणबद्ध तरीके से चलेगा — मार्च में 7 और 14 तारीख को, अप्रैल में 10 और 17 तारीख को, तथा मई में 8 और 15 तारीख को नगर परिषद व नगर पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित होंगे।
नागपुर जिले के सावनेर तालुका के पाटणसावंगी ग्राम पंचायत कार्यालय में आयोजित शिविर में विधायक डॉ. आशिष देशमुख ने नागरिकों से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। शिविर में तुकडेबंदी नीति और अकृषक आकारणी में हुए बदलावों की जानकारी भी दी गई। विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था की गई।
अगला शिविर 14 मार्च को राज्यभर में आयोजित किया जाएगा।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र