Rashtra Bharat Logo

नागपुर, राज्यपाल बनने का सपना अधूरा रह गया – श्रद्धांजलि सभा में भावुक हुए दिलीप पनकुले

नागपुर, राज्यपाल बनने का सपना अधूरा रह गया – श्रद्धांजलि सभा में भावुक हुए दिलीप पनकुले
Datta Meghe tribute Nagpur Dilip Pankule: नागपुर श्रद्धांजलि सभा में पूर्व नगरसेवक दिलीप पनकुले ने स्व. दत्ता मेघे के राज्यपाल बनने के अधूरे सपने और उनके सामाजिक योगदान को याद किया। (Photo by Reporter Jassi)

Datta Meghe tribute Nagpur Dilip Pankule: नागपुर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में दत्ता मेघे के जीवन और उनके अधूरे सपनों को याद किया गया। दिलीप पनकुले ने कहा कि उनका राज्यपाल बनने का सपना पूरा नहीं हो सका। सभा में उनके सरल स्वभाव, मजबूत नेतृत्व और सामाजिक कार्यों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

दत्ता मेघे का राज्यपाल बनने का सपना अधूरा रह गया

Datta Meghe tribute Nagpur Dilip Pankule: नागपुर। पूर्व सांसद स्व. दत्ता मेघे की श्रद्धांजलि सभा में पूर्व नगरसेवक दिलीप पनकुले भावुक हो उठे। उन्होंने कहा – “पूर्व सांसद स्व. दत्ता मेघे का राज्यपाल बनने का सपना अधूरा रह गया।”

सभा को संबोधित करते हुए पनकुले ने मेघे के राजनीतिक और सामाजिक जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने मेघे के नेतृत्व कौशल, दूरदर्शी रणनीति और कार्यकर्ताओं को मिले मार्गदर्शन को विशेष रूप से याद किया।

पनकुले ने कहा कि स्व. मेघे कभी भेदभाव नहीं करते थे – वे हर व्यक्ति के साथ समान व्यवहार रखते थे और गरीबों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते थे।

श्रद्धांजलि सभा में उनके कार्यों और व्यक्तित्व को किया गया याद

उन्होंने यह भी कहा कि शरद पवार के सहयोग से मेघे ने राजनीति में ऊंचाई हासिल की। पनकुले के अनुसार, यदि यह साथ अंत तक बना रहता, तो राज्यपाल बनने का उनका सपना अवश्य पूरा होता।

सभा में पार्टी के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।