नागपुर में मदर डेयरी परिसर से दुर्गंध और गंदे पानी की शिकायत, जांच और कार्रवाई की मांग

Mother Dairy Nagpur pollution MPCB complaint: नागपुर के सेमिनरी हिल्स स्थित मदर डेयरी परिसर से दुर्गंध, गंदे पानी की निकासी और प्रदूषण की शिकायतों को लेकर नागरिकों ने चिंता जताई है। नगरसेवक अभिजीत झा ने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल से जांच की मांग की है। उन्होंने निरीक्षण, जल नमूनों की जांच और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
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प्रदूषण की शिकायत पर जांच की मांग तेज
Mother Dairy Nagpur pollution MPCB complaint: नागपुर। प्रभाग क्रमांक 14 के अंतर्गत सेमिनरी हिल्स स्थित मदर डेयरी परिसर से फैल रही दुर्गंध और प्रदूषण के मामले में नगरसेवक एवं नागपुर महानगरपालिका स्थायी समिति सदस्य अभिजीत झा ने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल एमपीसीबी (MPCB) की क्षेत्रीय अधिकारी हेमा देशपांडे से मुलाकात कर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत के अनुसार, नागरिकों को विशेष रूप से रात के समय नालों में बिना उपचारित या आंशिक रूप से उपचारित औद्योगिक अपशिष्ट जल एफ्लुएंट्स (Effluents) छोड़े जाने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। इससे क्षेत्र में तीव्र दुर्गंध फैल रही है। स्थानीय निवासियों को सांस लेने में तकलीफ, सिरदर्द और मतली जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों पर इसका सबसे अधिक प्रतिकूल असर हो रहा है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि मदर डेयरी की कुछ पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त हैं, जिनसे अपशिष्ट जल का रिसाव होकर नालों और आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण फैल रहा है। झा ने कहा कि यदि बिना उचित उपचार के अपशिष्ट जल का निस्तारण हो रहा है, तो यह जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 तथा वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 का उल्लंघन है।
प्रदूषण की शिकायत पर जांच की मांग तेज
एमपीसीबी (MPCB) से उन्होंने मांग की है कि क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण किया जाए, नालों से अपशिष्ट जल के नमूने लेकर जांच की जाए, ईटीपी/एसटीपी (ETP/STP) की कार्यप्रणाली का सत्यापन किया जाए और दुर्गंध व प्रदूषण के कारणों की विस्तृत जांच की जाए।
झा ने कहा, “यह मामला सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ा हुआ है। एमपीसीबी (MPCB) को तत्काल जांच दल भेजकर वास्तविक स्थिति का आकलन करना चाहिए और प्रदूषण रोकने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने चाहिए।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन सिद्ध होता है तो जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
एमपीसीबी (MPCB) की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

