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Nagpur News: वाड़ी स्थित नीता लॉजिस्टिक में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 18 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया

Nagpur News: वाड़ी स्थित नीता लॉजिस्टिक में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 18 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया
Nagpur child labour rescue operation: वाड़ी स्थित नीता लॉजिस्टिक में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 18 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया (Photo Source: Wikimedia)

Nagpur child labour rescue operation: नागपुर ग्रामीण के वाडी पुलिस थाना क्षेत्र में बाल संरक्षण विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉजिस्टिक और फैक्टरी में काम कर रहे 18 बाल मजदूरों को रेस्क्यू किया। बचाए गए बच्चों में महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के बच्चे शामिल हैं। सभी को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। मामले की जांच जारी है और संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।

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Asfi Shadab
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वाड़ी की नीता लॉजिस्टिक में चला विशेष अभियान

Nagpur child labour rescue operation: नागपुर। जिला कलेक्टर के निर्देश पर बाल श्रम के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वाड़ी क्षेत्र स्थित नीता लॉजिस्टिक पर शुक्रवार को चार विभागों की संयुक्त टीम ने छापेमारी की और 18 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया।

महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग और पुलिस की इस संयुक्त टीम को प्राप्त सूचना के आधार पर प्रतिष्ठान पर कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि अल्पवयस्क बच्चों को विभिन्न स्थानों से लाकर ट्रकों पर माल चढ़ाने-उतारने का काम कराया जा रहा था।

सभी 18 बच्चों को तत्काल रेस्क्यू कर उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। फिलहाल उन्हें अस्थायी रूप से बाल गृह में रखा गया है। संबंधित विभाग उनके समुपदेशन, शैक्षणिक पुनर्वास और परिजनों से संपर्क की प्रक्रिया में जुटे हैं।

18 बच्चों को सुरक्षित निकालकर बाल गृह भेजा गया

प्रतिष्ठान के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 तथा संशोधित अधिनियम 2016 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह कार्रवाई जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे तथा सहायक श्रम आयुक्त राजदीप धुर्वे के मार्गदर्शन में हुई। अभियान में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुस्ताक पठाण, शिक्षा विभाग के प्रसेनजीत गायकवाड़, श्रम विभाग की गायत्री दुबे व अविनाश डोके, पुलिस उपनिरीक्षक उत्तम जायभाये, हवलदार कमलेश ठाकरे, पुलिस कर्मी मारुति मेश्राम, चाइल्ड हेल्पलाइन के अनिकेत भिवगड़े, मीनाक्षी धडाडे, मंगला टेंभुर्णे तथा ग्रामीण समस्या मुक्ति ट्रस्ट की शाहीना शेख, रूपाली वानखेड़े और अश्विनी चौरे शामिल रहे।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि कहीं भी बाल श्रम दिखने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों या चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित करें।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।