ऑटोरिक्षा परमिट पर रोक से नागपुर में चालकों में नाराजगी, आदेश वापस लेने की मांग
Auto rickshaw permit ban Nagpur: नागपुर, 13 मार्च। ऑटोरिक्षा चालक-मालिक संगठन संयुक्त कृती समिति के महासचिव विलास भालेकर ने गुरुवार को नागपुर में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में परिवहन मंत्री से मांग की कि ऑटोरिक्षा परमिट पर लगाई गई रोक तत्काल वापस ली जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग नहीं मानी गई तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
भालेकर ने कहा कि एक तरफ स्वर्गीय आनंदराव दिघे साहेब ऑटोरिक्षा चालक कल्याणकारी मंडल के नाम पर चालकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, दूसरी तरफ यातायात बाधा और प्रदूषण का हवाला देकर परमिट पर रोक लगाई जा रही है। उन्होंने कहा, “इस निर्णय से हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है और चालकों के सामने अपने परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है।”
कल्याणकारी मंडल में “हम दो हमारे दो” की शर्त पर आपत्ति
भालेकर ने बताया कि 16 मार्च 2024 को सरकार ने इस मंडल से संबंधित अध्यादेश जारी किया था, जिसमें सदस्यता पर विभिन्न योजनाओं का लाभ देने का वादा है – लेकिन उन योजनाओं का कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है। इसके अलावा सदस्यता के लिए “हम दो हमारे दो” की शर्त लागू की गई है, यानी दो से अधिक बच्चों वाले चालक मंडल के सदस्य नहीं बन सकते।
उन्होंने बताया कि राज्य के लगभग 50 प्रतिशत ऑटोरिक्षा चालकों के दो से अधिक बच्चे हैं, जिससे यह शर्त उनके साथ खुला अन्याय है। समिति ने सरकार को दस सुझाव भी सौंपे हैं, ताकि सभी चालकों को योजनाओं का समान लाभ मिल सके।
समिति की अगली बैठक में आंदोलन की तारीख और रणनीति तय की जाएगी।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र