Nagpur News: विधायक विकास ठाकरे ने पीडब्ल्यूडी टेंडर मामले में उठाए सवाल, मंत्री ने जांच के दिए निर्देश

Vikas Thakre PWD tender scam investigation: नागपुर में सार्वजनिक निर्माण विभाग के टेंडर मामले को लेकर विधायक विकास ठाकरे ने करोड़ों रुपये की कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने जांच और कार्रवाई की मांग की। सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए हैं। अब विभागीय जांच के बाद स्थिति साफ होगी।
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विधायक विकास ठाकरे के आरोपों से पीडब्ल्यूडी टेंडर मामले में बढ़ी हलचल
Vikas Thakre PWD tender scam investigation: नागपुर, 21 जुलाई: पश्चिम नागपुर के विधायक विकास ठाकरे ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), विभाग क्रमांक-1, नागपुर में करोड़ों रुपये के कथित टेंडर घोटाले का खुलासा किया है। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। विधायक द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए मंत्री ने विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विधायक ठाकरे के अनुसार, विभाग के अधिकारियों ने नवंबर 2025 के शीतकालीन विधानसभा सत्र से पहले और फरवरी 2026 के दौरान बड़े निर्माण कार्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर चुनिंदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया। इसका मकसद प्रतिस्पर्धा खत्म करना और अन्य ठेकेदारों तक जानकारी न पहुंचने देना था।
आरोप है कि करीब 3 लाख रुपये से कम मूल्य की सैकड़ों निविदाएं जारी की गईं, जिनके लिए सिर्फ तीन दिन का समय दिया गया। निविदा प्रकाशन के पांच दिन के भीतर ही कार्यादेश जारी हो गए। कुछ मामलों में बिना काम हुए भी भुगतान करने का आरोप है।
टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्यों में अनियमितता की जांच की मांग
रविभवन, नागभवन और हैदराबाद हाउस जैसे सरकारी भवनों में फ्लोरिंग, फर्नीचर और मरम्मत कार्यों में भी यही तरीका अपनाया गया। रविभवन में करीब 1 करोड़ रुपये की लकड़ी फ्लोरिंग को 35 अलग निविदाओं में बांटा गया, ताकि हर टेंडर 3 लाख रुपये से कम रहे।
विधायक ठाकरे ने संबंधित अभियंताओं के निलंबन, पिछले सात वर्षों के कामों के स्वतंत्र ऑडिट, भौतिक सत्यापन और दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। मंत्री भोसले ने मामले को गंभीर बताते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव को कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में कौन-कौन अधिकारी और ठेकेदार दोषी पाए जाते हैं।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

